अंबाला सिटी बलदेव नगर की को-ऑपरेटिव बैंक शाखा में चोर 23 व 24 सितंबर यानी शनिवार, रविवार की छुट्टी का फायदा उठाकर दाखिल हुए थे। इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए अंबाला सीआईए-1 की टीम बिहार में दबिश दे रही है।
अंबाला के बलदेव नगर के को-ऑपरेटिव बैंक से 32 लॉकर काटकर चोरी करने के मामले में अंबाला सीआईए-1 की टीम बिहार में दबिश जारी है। हालांकि टीम द्वारा बिहार के लखीसराय से मास्टरमाइंड देवानंद की गिरफ्तारी की बात कहीं जा रही है जोकि अंबाला में ही काम करता था। इस गिरफ्तारी को लेकर अभी तक इलाका पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि अभी टीम बिहार में ही आरोपियों को काबू करने के लिए दबिश दे रही है।
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सीआईए-1 प्रभारी हरविंद्र ने बताया कि इस मामले में पहले ही 4 आरोपियों को काबू किया जा चुका है लेकिन अभी ओर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। टीम के बिहार से लौटने के बाद ही पता चल सकेगा। बता दें कि अंबाला पुलिस की टीम करीब 3 माह से आरोपियों को पकड़ने के लिए आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है लेकिन वो अपने-अपने ठिकानों से फरार चल रहे हैं।
पुलिस ने 23 नवंबर को इस मामले में बिहार के मोस्ट वांटेड गिरोह के चार सदस्यों को काबू किया था। पूछताछ में सामने आया था कि करीब 6 से 7 आरोपी शामिल थे। केवल अंबाला की बलदेव नगर मेंं को-ऑपरेटिव शाखा ही नहीं यमुनानगर व सोनीपत में भी बैंक चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इस आरोपियों से साढ़े 5 लाख की नकदी सहित 17 लाख रुपये के जेवरात बरामद हुए थे।
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अभी तक यह आरोपी हो चुके हैं काबू
सीआईए- 1 की टीम द्वारा अभी तक कुल 4 आरोपी पकड़े गए है।आरोपियों की पहचान बिहार भागलपुर के शिव नंदनपुर गांव निवासी पवन कुमार, बिहार के पुरखोजपुर गांव निवासी सोबिंद कुमार उर्फ सोबित व बिहार के हडिया चौक व वर्तमान पता दिल्ली के चांदनी चौक निवासी राहुल व बिहार के मुज्जफरगंज गांव निवासी ध्रुव के रूप में हुई।
यह था पूरा मामला
बता दें कि अंबाला सिटी बलदेव नगर की को-ऑपरेटिव बैंक शाखा में चोर 23 व 24 सितंबर यानी शनिवार, रविवार की छुट्टी का फायदा उठाकर दाखिल हुए थे। बैंक की पिछली दीवार तोड़ने के बाद वह भीतर घुसे थे और सीसीटीवी कैमरे तोड़ने के बाद डीवीआर अपने कब्जे में ले लिया था। उसके बाद लॉकर रूम की दीवार तोड़ने के बाद करीब 32 लॉकरों को गैस कटर से काटा था। हालांकि इन लॉकरों में से 24 लॉकर की उपभोक्ताओं के थे। पीड़ित उपभोक्ताओं का दावा था कि लॉकरों से करोड़ों के जेवरात व नकदी गायब थी। इस मामले में पुलिस ने एसआईटी का गठन किया हुआ है। सीआईए-1 की टीम ने 23 नवंबर को इस मामले में बिहार के मोस्ट वांटेड गिरोह के 4 सदस्यों को पकड़ा था।