अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल स्थित आइपीडी ब्लॉक के वार्ड में बैड पर लेटे बुखार के मरीज।
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हरियाणा के अंबाला में शनिवार को 35 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 327 पहुंच गया। स्थिति संभालने के बाद एक फिर हालात ऐसे हो गए हैं कि एक-एक बेड पर दो-दो मरीज उपचार करवाने के लिए मजबूर हैं।
वहीं, जिन्हें बेड नहीं मिल रहा है, वह स्ट्रेचर पर उपचार करवा रहे हैं। छावनी के नागरिक अस्पताल में कई मरीज ऐसे भी हैं, जो सुबह से अस्पताल में आए हुए हैं, लेकिन दोपहर तक कोई भी डॉक्टर व नर्स उन्हें देखने के लिए ही नहीं आए। परिजन बार-बार डॉक्टरों व स्टाफ नर्स के चक्कर काट रहे हैं। यह हालात शहर अस्पताल के साथ-साथ जिले भर के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों के हैं, जहां मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है।
यह रही मरीजों की स्थिति
बराड़ा के कंबासी से आई सोमवती ने बताया कि उसे पिछले 12 दिन से बुखार है। जब अस्पताल में आई तो बेड ही उपलब्ध नहीं हुआ। इस कारण मजबूरी में स्ट्रेचर पर ही उपचार करवाना पड़ रहा है।कालपी से आई बिमला ने बताया कि जांच कराने पर पता चला कि 88 हजार सेल रह गए हैं और उसे टाइफाइड है। सरकारी अस्पताल पहुंची तो बेड खाली नहीं मिला। इस कारण अब स्ट्रेचर पर ही उपचार करवा रही हैं।
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हंडेसरा के रानीमाजरा से आए जसबीर ने बताया कि वह शनिवार दोपहर 1 बजे अस्पताल पहुंचा था। 4 बज तक न तो कोई डॉक्टर देखने के लिए आया है और न ही कोई दवाई मुझे दी गई है। हंडेसरा के बुड्डाखेड़ा निवासी शेरजंग ने बताया कि उसे पांच दिन से बुखार है। अस्पताल में डॉक्टर ने किसी अन्य मरीज के साथ बेड पर लिटा दिया। अब हम एक बेड पर दो मरीज उपचार करवा रहे हैं।
लालडू के गांव धर्मगढ़ से आए रूप सिंह ने बताया कि वह अस्पताल पहुंचा तो कोई बेड खाली नहीं था। मजबूरी में ही किसी अन्य मरीज के साथ एक ही बेड पर लिटा हुआ हूं। वहीं उसे उपचार मिल रहा है।
हमारी ओर से पूरा प्रयास जारी है। लगातार मरीजों की स्थिति के हिसाब से छुट्टी दी जा रही है। इससे कि अस्पताल में मरीजों की संख्या न बढ़ जाए। गांव स्तर पर भी हमारी टीमें तेजी के साथ काम कर रही हैं। जल्द ही डेंगू पर भी काबू पा लिया जाएगा। - कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला।