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सात साल में 28 पेपर हुए लीक, बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर बात करने को सरकार नहीं तैयार : दीपेंद्र

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नारायणगढ़ में पत्रकारों से बात करते राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुडडा। - फोटो : Ambala
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नारायणगढ़ (अंबाला)। पहले केंद्र सरकार ने कृषि कानून पास करके किसान विरोधी कार्य किया। इसके खिलाफ किसान पिछले नौ माह से आंदोलनरत है। अब भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने किसान विरोध की सारी सीमाएं लांघते हुए भूमि अधिग्रहण कानून पास कर दिया है। नौकरी की बात करें तो पिछले सात सालों में 28 पेपर लीक हो चुके हैं। जो हरियाणा 2014 तक निवेश रोजगार में नंबर एक था आज वह बेरोजगारी में नंबर एक है। इसका श्रेय भाजपा-जजपा सरकार को जाता है। राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने नारायणगढ़ में पत्रकारवार्ता के दौरान ये आरोप लगाए।
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वह शुक्रवार को कांग्रेस नेता अशोक मेहता के आवास पर गत दिनों हुए उनकी माता के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में हुए संसद सत्र व हरियाणा विधानसभा सत्र ने विपक्ष को निराश किया गया। लोकसभा व राज्यसभा में कांग्रेस सहित संयुक्त विपक्ष ने तीन मुद्दों किसान आंदोलन, महंगाई व पेगासस जासूसी पर चर्चा की मांग की थी लेकिन तीनों ही मुद्दों पर बोलने नहीं दिया गया। हालात यह थे कि जब भी किसान शब्द बोला जाता था तो हमारे माइक बंद कर दिए जाते थे। यही हाल विधानसभा में भी हुआ।
इसके बाद वह अंबाला शहर में संजय सेठी के घर गए। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह भी साफ किया कि कांग्रेस का परिवार बड़ा होगा, इससे कांग्रेस को मजबूती भी मिलेगी। उन्होंने भाजपा सरकार को घरते हुए कहा कि सरकार ने संसद में हमारे द्वारा चर्चा के लिए दिए गए मुद्दे बेरोजगारी, महंगाई, किसान आंदोलन व जासूसी कांड किसी को शामिल नहीं किया। इससे सरकार का अहंकारी चेहरा सामने आता है। आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर फेल हो रही है बेरोजगारी इतनी बढ़ गई है कि पेपर घोटाले जो कि पूरे देश में हरियाणा में सबसे ज्यादा सामने आए हैं। सरकार ने छोटे व्यापारियों और किसानों को कोई राहत नहीं पहुंचाई है।
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