गोरखपुर जिले के गांव की महिलाएं अब गन्ने की नर्सरी तैयार कर आत्मनिर्भर बनेंगी। सरकार गोरखपुर परिक्षेत्र में 240 ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों की 7200 महिलाओं को गन्ना नर्सरी के जरिये आत्मनिर्भर बना रही है। इन महिलाओं को उन्नत किस्म के गन्ना उत्पादन के लिए स्थानीय चीनी मिलों के वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
प्रदेश सरकार कोरोना महामारी से उत्पन्न बेरोजगारी की समस्या दूर करने के लिए ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बना रही है। उप गन्ना आयुक्त परिक्षेत्र-गोरखपुर उषा पाल ने बताया कि गन्ने की खेती में ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सिंगल बड चिप विधि से गन्ने की नर्सरी तैयार की जाती है। इन स्वयं सहायता समूहों के पारिश्रमिक का भुगतान गन्ना विभाग और खरीदने वाले किसान करते हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में गोरखपुर, महराजगंज और बस्ती में इस विधि से 20 लाख पौधों की नर्सरी तैयार की गई। इससे ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों को 60 लाख रुपये की आमदनी हुई।
तीन जिलों में बनेंगे 240 स्वयं सहायता समूह
गोरखपुर में 40, महराजगंज में 80 और बस्ती में 120 महिला स्वयं सहायता समूह गठित किए जाएंगे। अभी तक गोरखपुर में 15, बस्ती में 25 और महराजगंज में 16 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों को गन्ना विकास परिषद और चीनी मिलें संयुक्त रूप से प्रशिक्षित करेंगी।