फैक्ट फाइल (इतने मामलों में हुई सजा)
- हत्या : 21
- दुष्कर्म : 7
- पॉक्सो एक्ट : 10
- अन्य : 22
केस एक
बांसगांव इलाके में 11 अक्तूबर 2014 को प्रदुम्न की गोली मारकर हत्या हुई थी। हत्याभियुक्त देवनाथपुर निवासी प्रियतोष यादव को 29 जनवरी को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। लंबे समय से चल रहे मामले में तीन महीने पहले पुलिस ने पैरवी शुरू की थी।
केस दो
झंगहा इलाके में 26 नवंबर 2016 को चुनावी रंजिश में जयप्रकाश, ओमप्रकाश व राजेश पर जानलेवा हमला किया किया था। जयप्रकाश की मौत होने पर हत्या का केस दर्ज हुआ था। मामले में अभियुक्त विनय यादव, हेमंत यादव, राकेश यादव, सतीश यादव, पिंटू यादव, चंद्रदीप, राजू यादव, योगेंद्र, राजेश, शिवशंकर को दस जनवरी को आजीवन कारावास की सजा हुई।
केस तीन
गोला के भड़सडा में दहेज के लिए 27 मई 2017 को अमिता की मौत हुई। पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज कर पति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस केस की पैरवी कर रही थी। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर पति रामाराव को आठ दिसंबर को आजीवन कारावास और 11 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।
केस चार
नाबालिग से दुष्कर्म के अभियुक्त जगलाल निषाद पर साल 2019 में चौरीचौरा पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो का केस दर्ज कर जेल भेजा था। इस मामले की ऑपरेशन शिकंजा के तहत पुलिस ने पैरवी शुरू की तो 4 दिसंबर 2021 को कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये की सजा सुना दी।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि बदमाशों को जेल भेजने के साथ ही पुलिस कोर्ट में मुकदमों की पैरवी कर रही है। ऑपरेशन शिकंजा के तहत पुलिस की पैरवी की वजह से कई मामलों में अभियुक्तों को सजा मिली है। यह लगातार जारी रहेगा। इसकी निगरानी मैं खुद करता हूं।