गोरखपुर ग्राम पंचायतों में भी अब कचरा प्रबंधन के लिए घरों और बाजार से गीला-सूखा कचरा एकत्र किया जाएगा। जिले की 72 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। कूड़ा उठाने और उसके निस्तारण की जिम्मेदारी महिला समूहों को सौंपने की तैयारी है। इससे पंचायतों में सफाई व्यवस्था तो सुदृढ़ होगी ही महिला समूहों से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी।
महिला समूहों को हर माह घरेलू कचरे के लिए 50 रुपये प्रति आवास और व्यावसायिक स्थानों यानी दुकानों, बाजारों से कचरे के लिए 100 रुपये मिलेंगे। महिला समूह हाथ गाड़ी से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र कराकर उसका निस्तारण कराएंगी। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर इस योजना के क्रियान्वयन में जुट गए हैं। जिले के 20 ब्लॉक से दो-दो ग्राम पंचायतों को इस कार्य से जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा परफार्मेंस ग्रांट पाने वाली 32 ग्राम पंचायतें इस कार्य से जुड़ेंगी। इन ग्राम पंचायतों में महिला समूहों को इसकी जिम्मेदारी उनकी इच्छा के मुताबिक सौंपी जाएगी। इसके लिए आजीविका मिशन से जुड़े महिला समूहों को तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक महिला समूह की जिम्मेदारी होगी कि वे अपनी ग्राम पंचायत में हर घर से गीला और सूखा कचर अलग अलग एकत्र करें। इसके लिए उन्हें हाथ गाड़ी का इंतजाम करना होगा। लोग समय से कूड़ा दें, इसके लिए उन्हें जागरूक भी किया जाएगा। कूड़े के निस्तारण के लिए ग्रामसभा को जमीन उपलब्ध करानी होगी।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत 70 पंचायतों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है। इसे जल्द लागू किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को तो बढ़ावा मिलेगा ही ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर भी बनेगी।