सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि नेपाल में बारिश होने से नदियों का पानी बढ़ रहा है। लेकिन इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं।
नेपाल में होने वाली बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ाव शुरू हो गया है। राप्ती नदी का जलस्तर 24 घंटे में 46 सेमी बढ़ गया है। अन्य नदियों में भी हलचल नजर आने लगी है। बुधवार की सुबह सात बजे श्रावस्ती जिले में राप्ती बराज का पानी सुबह सात बजे खतरे के निशान से 50 सेमी पहुंच गई। इस कारण बराज 2710 क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। सभी नदियां खतरे से निशान से नीचे हैं।
विज्ञापन
नेपाल में होने वाली बारिश की वजह से बीते दो दिनों से राप्ती नदी में हलचल दिख रही है। मंगलवार को नदी का पानी 20 सेमी बढ़ा, जबकि दूसरे दिन भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंगलवार की शाम चार बजे बर्डघाट में नदी का जलस्तर 71.510 मीटर था। जबकि बुधवार की सुबह आठ बजे जलस्तर 71.770 मीटर पर रहा।
इसमें करीब 26 सेमी की बढ़त रही। बीते 24 घंटे में कुल 46 सेमी की बढ़ोतरी पाई गई। इसके अलावा सरयू नदी के करतनिया घाट और अयोध्या पुल, त्रिमुहानीघाट पर रोहिन नदी और मुखलिसपुर में कुआनो नदी में बढ़ाव दर्ज किया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राप्ती बराज से पानी छोड़े जाने का असर भी राप्ती नदी पर पड़ेगा।
सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि नेपाल में बारिश होने से नदियों का पानी बढ़ रहा है। लेकिन इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं।