जीडीए की वाटर बॉडी में बोटिंग का ट्रायल हुआ।
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गोरखपुर में रामगढ़ताल के साथ ही अब जल्द ही बोटिंग के लिए पर्यटकों व शहर के लोगों को पास में ही एक और विकल्प मिल जाएगा। 42.5 एकड़ में फैली वाटर बॉडी से जलकुंभी आदि की सफाई का काम गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने पूरा करा लिया है। शुक्रवार को जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह की मौजूदगी में दो मोटर बोट चलाकर ट्रायल किया गया, जो सफल रहा।
जल्द ही फर्म और किराया आदि तय कर बोटिंग शुरू कर दी जाएगी। शुक्रवार दोपहर जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर दोनों मोटर बोट को वाटर बॉडी के एक से दूसरे छोर तक चलाया गया। मोटर बोट बुद्ध म्यूजियम एवं आंबेडकर पार्क के सामने बने दो पुलों के नीचे से होकर गुजरा। वाटर बॉडी में नौकायन का भी रही रास्ता होगा।
रामगढ़ताल के नौकायन के सामने से वाटर बॉडी बुद्ध म्यूजियम, वैशाली आवासीय कॉलोनी, आंबेडकर पार्क, वसुंधरा एंक्लेव के पीछे से होते हुए सर्किट हाउस के दूसरी ओर तक फैली है। जलकुंभी से पटी रहने वाली इस वाटर बॉडी की जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश के बाद करीब एक महीने पहले सफाई शुरू हुई जो अब पूरी हो गई है।
वाटर बॉडी में मछली पालन भी किया जाएगा और मछली पालन करने वाली फर्म ही यहां बोटिंग भी कराएगी। शुरू में पैडल बोटिंग शुरू करने की योजना है। वाटर बॉडी के किनारे-किनारे प्लेटफॉर्म बनाकर उसका सुंदरीकरण भी किया जाएगा। लाइट लगाने की भी योजना है। भविष्य में दोनों ओर पाथ वे भी बनाने की योजना है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि 42.5 एकड़ में फैली वाटर बॉडी से जलकुंभी आदि की सफाई करा ली गई है। जल्द ही यहां बोटिंग भी शुरू कराई जाएगी। इसके लिए शुक्रवार को ट्रायल किया गया जो सफल रहा। इस वाटर बॉडी का सुंदरीकरण भी किया जाएगा।