यूपी परिवहन निगम ने गोरखपुर से दिल्ली और बिहार समेत अन्य राज्यों की अंतरराज्जीय बस सेवाओं पर पांच जून तक के लिए रोक लगा दी है। अभी तक यह पाबंदी 20 मई तक थी। परिवहन निगम के अंतरराज्जीय बस सेवा पर रोक लगाने के कारण गोरखपुर परिक्षेत्र की आय में काफी गिरावट आई है।
आम दिनों में परिक्षेत्र से हर दिन लगभग 100 अंतरराज्जीय बसें संचालित की जाती थी, लेकिन वर्तमान में सभी अंतरराज्जीय बस सेवाएं बंद हैं। परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक संचालन डीवी सिंह ने बताया कि जब तक शासन के द्वारा अंतरराज्जीय बस चलाने की पाबंदी नहीं हटाई जाएगी तब तक बसें नहीं चलेगी।
बता दें कि बीते दिनों कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लगे कर्फ्यू के चलते परिवहन निगम को हो रहे घाटे को देखते हुए गोरखपुर परिक्षेत्र से सभी वातानुकूलित बस सेवा को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया है। कोरोना के डर से लोग घर से भी नहीं निकल रहे हैं, यात्रा दूर की बात है। ऐसे में यात्री नहीं मिलने से परिवहन निगम को हर दिन बड़ी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज को घाटे को कम करने के लिए अपर प्रबंध निदेशक यह आदेश दिया है।
आरएम पीके तिवारी के अनुसार जिले के राप्तीनगर डिपो से 52 एवं गोरखपुर डिपो से आठ वातानुकूलित बसों का संचालन होता है। कोरोना के समय में लोग साधारण की जगह वातानुकूलित बस से ही यात्रा करने को प्राथमिकता दे रहे थे, लेकिन वातानुकूलित बसों के खर्च के तुलना में यात्री कम होने से निगम ने इनका संचालन रोक दिया गया है। इसमें गोरखपुर डिपो से बिहार और दिल्ली के लिए चलने वाली नियमित बसें भी शामिल हैं।
गोरखपुर डिपो एआरएम केके तिवारी ने कहा कि कोरोना के कारण यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। वातानुकूलित बसों के लिए भी मानक के तुलना में यात्री नहीं मिल रहे थे। ऐसे में जिले से संचालित होने वाली वातानुकूलित बसों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।