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UP Panchayat Election Result 2021: सिद्धार्थनगर में फोन पर लोग लेते रहे जीत का हाल, 'बाबू का भइल'

Sun, 02 May 2021 06:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।

सार

गांव से समर्थक तो करीब और रिश्तेदार बजाते रहे एजेंट और प्रत्याशी के फोन की घंटी, मतगणना में जानकारी लेने का माध्यम बना रहा मोबाइल फोन
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यूपी पंचायत चुनाव रिजल्ट 2021 - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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'का भइल ये भइया, बाबू केतना वोट से आगे बाटा। गिनतिया शुरू भइल की नाही। सांस ऊपर नीते होत बाय, जइसे कुछ होई बतायो जरूर। बड़ा घबराहट होत बाय।' यह समर्थक और रिश्तेदार चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी और मतगणना में गए एजेंट से फोन पर कहते हुए देखे गए। हर कोई फोन से हाल जानने की कोशिश में जुटा था कि उनके करीब का हुआ क्या। मतगणना में मोबाइल फोन लोगों की जानकारी के आदन प्रदान का सहारा बना रहा है।

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सिद्धार्थनगर जिले में 1136 ग्राम पंचायत में प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत की 45 सीटों के लिए 26 अप्रैल को मतदान हुआ था। किस्मत बैलेट बॉक्स में बंद होने के बाद प्रत्याशी शनिवार शाम तक जीत हार का गुणा गणित बनाते रहे। सबसे दिलचस्ब मुकबला कहें जाने वाले प्रधान पद के चुनाव में सभी की नजर थी। इंतजार की घटी खत्म हुई और रविवार सुबह से जिले के 14 ब्लॉक क्षेत्रों में बने मतणना स्थल वोटों की गिनती शुरू हुई।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोगों में भय है। साथ ही एजेंट के अलावा अन्य लोगों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से रोक लगा दिया गया था। मतदान में क्या हुआ। इसकी जानकारी का मुख्य जरिए मोबाइल फोन रहा। अंदर मोबाइल फोन पर रोक था, लेकिन बाहर निकलकर लोग बात करते रहे।
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नौगढ़ ब्लॉक के बुद्ध बालिका डिग्री कॉलेज में बने मतगणना केंद्र के बाहर माहौल गजब का रहा है। यहां हर पल पर प्रत्याशी और उनके साथ में आए समर्थकों के फोन की घंटी बजती रही। एक फोन आया तो सामने वाला स्पीकर ऑन करके बात कर रहा था। अगला बोला- हे भइया का भइल, अपना नंबरवा आइल की नाही, जईसन होई बतावत रहे।

 

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सोशल मीडिया में पता चलता रहा वोट

वहीं एक फोन पर बात करते हुए देखा गया कि हे बाबू जीती गईला कि नाही हो। जीतते ही फोन से जानकारी दीहो। कोरोना के कारण हमरे नाही आई पाउली। जिले में अन्य क्षेत्रों में ऐसे हजारों लोग अपने प्रत्याशी के पास फोन करके जानकारी लेते रहे। कारण फोन ही जानकारी का मुख्य जरिया रहा।

प्रत्याशी और समर्थक जीते या हारे तो घर में बैठे हुए लोगों को सोशल मीडिया से जानकारी मिली। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने जीत के वोट ही नहीं बल्कि बढ़त को भी सोशल मीडिया में शेयर किया। फेसबुक और वाट्स एप के माध्यम से ही दिल्ली मुंबई में रहने वाले प्रवासियों को गांव की खबर लगी।
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