यूपी के कुशीनगर के लक्ष्मीगंज क्षेत्र के खोटही गांव के नौका टोला में रविवार को नसरुद्दीन के घर के एक कमरे और बगल में बांस के पेड़ों के बीच से सौ से अधिक सर्प मिले थे। परिवार के लोगों व ग्रामीणों ने निकले सभी सर्प को लाठी डंडे से पीटकर मार डाला था, लेकिन इसकी दहशत परिवार में पूरी रात रही।
विज्ञापन
डर के कारण परिवार के सभी 19 लोग घर के बरामदे में रात गुजारे। घर के बड़े लोगों को पूरी रात नींद नहीं आई। हालांकि रात में एक भी सर्प दिखाई नहीं दिया। नसरूद्दीन ने बताया कि वे गांव के बाहर कुछ वर्ष पहले नया घर बनवाए हैं। पुराना घर गांव के बीच में है।
नए मकान की दीवार का अभी तक प्लॉस्टर नहीं हुआ है और न ही कमरे का फर्श ही बना है। उन्होंने बताया कि उनका संयुक्त परिवार है। उनके अलावा अन्य तीन भाईयों का परिवार भी साथ रहता है। तीनों छोटे भाई बाहर रहते हैं।
विज्ञापन
उनका परिवार गांव में उनके साथ रहता है। परिवार में महिला और बच्चे समेत कुल 19 लोग हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को घर के पास दो सर्प दिखाई दिए थे। परिवार के लोग इस मौसम में सर्प दिखाई देते हैं यह समझकर अनदेखा कर दिए।
Trending Videos
इस बीच रविवार की सुबह छह बजे कमरे में करीब तीन सर्प के बच्चे दिखाई दिए। उन्हें डंडे पीटकर मार दिया गया। इसके कुछ देर बाद ही घर के पास स्थित बांस के पेड़ों के बीच कई छोटे-छोटे दिखाई सांप देने लगे।
वहां कुछ उनके अंडे भी थे, जिन्हें तोड़ने पर उसमें से भी सर्प के बच्चे निकलने लगे। अनहोनी की आशंका से गांव के लोगों के साथ मिलकर सभी छोटे-बड़े सर्प को लाठी डंडे से पीट कर मार दिया गया।
चूहे और कबाड़ की भरमार... आपका घर बन सकता है सांपों का ठिकाना
बरसात में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। दरअसल, बरसात में नमी की वजह से सांप ब्रीडिंग करते हैं। जहां पर भोजन की उपलब्धता और सुरक्षित स्थान मिले वहीं पर इनका ठिकाना बन जाता है। घर में यदि चूहे घूम रहे हैं और कबाड़ भी है तो यह भी सांपों के ठिकाना बनाने का अवसर दे देता है। इसलिए बरसात में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। अपने घर की नियमित सफाई करें। चूहों पर अंकुश लगाएं।
हाल ही में महराजगंज और कुशीनगर में ऐसे मामले आए हैं जहां एक साथ बड़ी संख्या में सांप मिले हैं। गोरखपुर चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि सांप आमतौर पर सालभर ब्रीडिंग करते हैं लेकिन बरसात के समय नमी अधिक होती है जिस वजह से यह बढ़ जाती है।
ब्रीडिंग के लिए ये उस स्थान को चुनते हैं जहां पर पर्याप्त भोजन और नमी हो। कई बार वे रिहायशी इलाकों में भी अपना ठिकाना बना लेते हैं। ऐसा इसलिए कि घर में चूहे होते हैं जो सांप का प्रमुख भोजन होता है।
उन्होंने बताया कि सांप रहने के लिए लकड़ियों के ढेर और ईंट को चुनते हैं। वहां पर अंधेरा और नमी रहती है। इन स्थानों पर इनके अंडे सुरक्षित रहते हैं। डॉ. योगेश ने बताया कि आमतौर पर एक सांप 20 से 25 अंडे देते हैं। अलग-अलग सांपों के लिए यह संख्या अलग है। कई बार एक जगह पर दो से तीन सांप अंडे देते हैं जिससे ब्रीडिंग होने पर एक ही जगह बड़ी संख्या में सांप नजर आने लगते हैं।
आसपास रखें साफ-सफाई
डॉ. योगेश ने बताया कि सांपों से बचने के लिए घर में चूहों को न घूमने दें। यदि घर में चूहे आ रहे हैं तो सांप भी आ सकते हैं। साथ ही घर में या बाहर की तरफ लकड़ी, कबाड़ और ईंट आदि न रखें। सांप चूहे, मेंढक और कीड़ों को ही खाते हैं। गोरखपुर और आसपास के जिलों में कोबरा, करैत, धामिन, वुल्फ स्नेक और पानी वाले सांप पाए जाते हैं। डॉ. योगेश ने बताया कि सांप दिखे तो घबराएं नहीं। यदि कोई घटना घट जाए तो सांप को पहचानने की कोशिश करें। उसका फोटो खींच लें।