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गोरखपुर: यूपी बोर्ड का रिजल्ट हुआ घोषित, परीक्षा फीस के करोड़ों रुपये फंसे

Mon, 09 Aug 2021 02:38 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

दसवीं के एक विद्यार्थी से 501 और बारहवीं के छात्र से 601 रूपया बतौर शुल्क कराया जाता है जमा, जिले में हाईस्कूल की परीक्षा के लिए 74603 और इंटर के लिए 68141 अभ्यर्थियों ने कराया है पंजीकरण।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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यूपी बोर्ड से दसवीं ओर बारहवीं की परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराने वाले 142744 विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए अगली कक्षा में प्रोन्नत तो कर दिया गया है। मगर परीक्षा के नाम पर जो क्रमश: 501 और 601 रूपये का परीक्षा शुल्क जमा कराया गया है। उसकी वापसी को लेकर ऊहापोह की स्थिति बन गई है।

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इस बाबत अधिकारी गेंद शासन के पाले में डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। शुल्क छात्र-छात्राओं को वापस होगा या नहीं, इस पर फिलहाल पेच फंसा है। अधिकारी भी इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे।

जनपद में शासन के आदेश पर हाईस्कूल के 74603 और इंटर के 68141 विद्यार्थी बिना परीक्षा दिए अगली कक्षा में प्रमोट हुए हैं। संस्थागत और व्यक्तिगत के कुल विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक आठ करोड़ रुपये जमा किए हैं। इसकी रसीद परीक्षा फार्म के साथ विद्यार्थियों ने संलग्न की थी।

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उधर, परीक्षा की तैयारी चल रही थी, तभी कोविड-19 के कहर में शासन ने परीक्षा न कराने का निर्णय लेते हुए हाईस्कूल और इंटर के सभी विद्यार्थियों को प्रमोट करने के आदेश दे दिए। हालांकि, परीक्षा शुल्क को लेकर कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए गए कि जमा राशि परीक्षार्थियों को वापस होगी या नहीं, न ही शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस बारे में कुछ बता पा रहे हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि बोर्ड के विद्यार्थियों का निर्धारित परीक्षा शुल्क प्रधानाचार्यों और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों द्वारा स्वयं चालान के माध्यम से राजकीय कोष में जमा कराया गया है।

इसकी प्राप्ति रसीद परीक्षा फार्म के साथ सब्मिट कर बोर्ड को भेज दी गई थी। शासन ने सभी विद्यार्थियों को प्रमोट करने का निर्णय लिया है। अब परीक्षा शुल्क वापस होगा या नहीं यह तो शासन स्तर पर ही निर्णय लिया जा सकता है।


 
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