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यूपी: सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी छोड़कर टेरर फंडिंग का बादशाह बन गया ये बदमाश, ऐसे खड़ा किया था नेटवर्क

Sun, 08 Aug 2021 03:58 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

सोमवार को गोरखपुर से पकड़े गए अजय सिंह को एटीएस ने 7 दिन की रिमांड पर लेकर कर रही थी पूछताछ।
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टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड अजय सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के शिवाजी नगर कॉलोनी से बीते सोमवार को पकड़े गए टेरर फंडिंग के मास्टरमाइंड अजय सिंह उर्फ दिनेश सिंह को यूपी एटीएस ने 7 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस दौरान उसने कई चौंकाने वाले सच बताएं हैं, जिसमें उसने यह भी बताया है कि कैसे वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने के दौरान मुशर्रफ के संपर्क में आया और फिर बन बैठा टेरर फंडिंग का बादशाह।
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सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में सामने आया है कि वर्ष 2018 में पकड़े गए आरोपी मुशर्रफ अंसारी उर्फ निखिल राय के साथ मिलकर दूसरी बार अजय इस अवैध कारोबार का नेटवर्क खड़ा कर चुका है। मुशर्रफ फिलहाल जमानत पर रिहा चल रहा है। अजय के इस खुलासे के बाद एटीएस फिर से उसकी तलाश में जुट गई है। बांसगांव का रहने वाला रमेश यहां रामगढ़ताल इलाके के शिवाजी नगर कॉलोनी में किराए का कमरा लेकर रहता है और वह एक प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। गिरफ्तारी के वक्त उसकी तैनाती शहर के एक प्राइवेट बैंक की सुरक्षा में लगाई गई थी। जहां कर्मचारियों की मिलीभगत से वह लोगों के फर्जी खाते खुलवाता था और उन खातों का इस्तेमाल फंडिंग के लिए करता था।

100 से अधिक बैंक खातों की जांच कर रही एटीएस
अजय से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एटीएस ने करीब 100 बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि नए खातों की मदद से तैयार फंडिंग के रुपये को इधर से उधर किया जाता था। उसे लेकर पूरे यूपी के विभिन्न शहरों में एटीएस दबिश दे रही है। ताकि इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके। उम्मीद यह भी है कि रिमांड के दौरान टीम अजय को लेकर गोरखपुर भी आ सकती है और उसके बताए गए ठिकानों और उससे जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
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मुशर्रफ के जमानत पर छूटने के बाद फिर संपर्क में आ गया था अजय

अजय ने पूछताछ में बताया है कि टेरर फंडिंग का सरगना कहे जाने वाले रमेश शाह की गिरफ्तारी के बाद इस गैंग का कोई भी सदस्य बाहर नहीं बचा था। ऐसे में एक मात्र फरार आरोपी अजय ही बाहर था। इस बीच 2018 में पकड़े गए कई आरोपियों को जमानत मिल गई। इसमें मुशर्रफ अंसारी उर्फ निखिल राय उर्फ डब्लू भी जमानत पर जेल से छूट गया।

मुशर्रफ के जेल से बाहर आते ही अजय ने उससे संपर्क किया और दोनों ने मिलकर एक बार फिर से इस गैंग को खड़ा कर दिया। इस दौरान अजय ही इस गैंग का सरगना बन गया। दोनों मिलकर गरीब युवाओं को अपनी जाल में फंसाते थे और उन्हें रुपयों का लालच देकर उनके फर्जी दस्तावेजों पर बैंक खाते खुलवाते थे।

बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी एटीएस
चूंकी अजय खुद एक प्राइवेट बैंक में बतौर सिक्योरिटी गार्ड काम करता था, तो वे वहां के कर्मचारियों से मिलकर लोगों के बैंक खाते आसानी से खुलवा देता था। अब यूपी एटीएस एक बार फिर इस गैंग की कमर तोड़ने में जुट गई है। एटीएस जल्द ही शहर के उस प्राइवेट बैंक के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है, जहां अजय काम करता था। साथ ही मुशर्रफ की भी तलाश शुरू हो गई है।

यह है मामला?
बीते सोमवार को यूपी एटीएस ने रामगढ़ताल इलाके के शिवाजी नगर कॉलोनी में रहने वाले अजय सिंह उर्फ दिनेश सिंह को टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। अजय बांसगांव इलाके के मरवटियां वार्ड नंबर 3 का रहने वाला है। यहां वह किराए का कमरा लेकर रहता था। वह वर्ष 2018 में गोरखपुर से टेरर फंडिंग के मामले में नामजद आरोपी था। तभी से वह फरार चल रहा था। 2018 में भी यूपी एटीएस ने इस मामले में गोरखपुर से 7 और यूपी के विभिन्न शहरों से 4 अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था।
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