गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के शिवाजी नगर कॉलोनी से बीते सोमवार को पकड़े गए टेरर फंडिंग के मास्टरमाइंड अजय सिंह उर्फ दिनेश सिंह को यूपी एटीएस ने 7 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस दौरान उसने कई चौंकाने वाले सच बताएं हैं, जिसमें उसने यह भी बताया है कि कैसे वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने के दौरान मुशर्रफ के संपर्क में आया और फिर बन बैठा टेरर फंडिंग का बादशाह।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में सामने आया है कि वर्ष 2018 में पकड़े गए आरोपी मुशर्रफ अंसारी उर्फ निखिल राय के साथ मिलकर दूसरी बार अजय इस अवैध कारोबार का नेटवर्क खड़ा कर चुका है। मुशर्रफ फिलहाल जमानत पर रिहा चल रहा है। अजय के इस खुलासे के बाद एटीएस फिर से उसकी तलाश में जुट गई है। बांसगांव का रहने वाला रमेश यहां रामगढ़ताल इलाके के शिवाजी नगर कॉलोनी में किराए का कमरा लेकर रहता है और वह एक प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। गिरफ्तारी के वक्त उसकी तैनाती शहर के एक प्राइवेट बैंक की सुरक्षा में लगाई गई थी। जहां कर्मचारियों की मिलीभगत से वह लोगों के फर्जी खाते खुलवाता था और उन खातों का इस्तेमाल फंडिंग के लिए करता था।
100 से अधिक बैंक खातों की जांच कर रही एटीएस
अजय से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एटीएस ने करीब 100 बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि नए खातों की मदद से तैयार फंडिंग के रुपये को इधर से उधर किया जाता था। उसे लेकर पूरे यूपी के विभिन्न शहरों में एटीएस दबिश दे रही है। ताकि इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके। उम्मीद यह भी है कि रिमांड के दौरान टीम अजय को लेकर गोरखपुर भी आ सकती है और उसके बताए गए ठिकानों और उससे जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।