गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक छात्र को बैठने के लिए 36 वर्ग फुट क्षेत्रफल का स्थान तय किया गया है। डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने सभी प्रधानाचार्यों को अपने यहां उपलब्ध संसाधनों का विवरण
upmsp.edu.in अपलोड करने का निर्देश दिया है।
वेबसाइट पर गलत सूचनाएं देने वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र की पात्रता सूची से बाहर कर दिया जाएगा। राजकीय, एडेड और वित्तविहीन विद्यालयों की अलग-अलग मेरिट सूची तैयार होगी। इंटर स्तर के विद्यालयों के लिए 20 अंक और हाईस्कूल स्तर के लिए 10 अंक होंगे। बीते वर्ष का रिजल्ट 90 फीसदी से ज्यादा होने पर 20 अंक मिलेंगे। सूचनाओं को परखने के लिए जिला स्तरीय टीम मौके पर जाकर जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट भी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।