कोविड केयर सेंटर में सुबह योगा करती महिलाएं
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कोविड चैंपियंस होम आइसोलेशन के मरीजों का आत्मबल बढ़ाएंगे। इसके लिए यूनिसेफ के सहयोग से 10 कोविड चैंपियंस को प्रशिक्षित किया गया है। कोरोना से लड़कर स्वस्थ हो चुके 10 कोविड चैंपियंस इन मरीजों को फोन करेंगे। इसमें वे मरीजों को होम आइसोलेशन की गाइडलाइन के अनुसार सुरक्षित रहने के तौर-तरीके भी बताएंगे। मरीजों को यह भी बताएंगे कि किस प्रकार इन चैंपियंस ने खुद को होम आइसोलेशन में रहकर स्वस्थ किया। इसे लेकर यूनिसेफ ने 10 कोविड चैंपियंस को प्रशिक्षित किया है, जो दूसरी लहर में काम करेंगे।
जानकारी के मुताबिक कोविड के पहले चरण में चयनित 51 चैंपियंस में से सात ने करीब 5000 मरीजों का टेलीकॉलिंग के जरिये उनका हौसला बढ़ाया था। बाकी चैंपियंस ने वीडियो, ऑडियो व अन्य तरीकों से जागरूकता में योगदान दिया था। यह जानकारी अभियान की नोडल अधिकारी, कोविड चैंपियन व उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सुनीता पटेल ने दी।
बताया कि टेलीकॉलिंग के बाद सभी विवरण यूनिसेफ के सहयोग से विकसित एप पर भरा जाएगा। एक कोरोना चैंपियन के तौर पर वह खुद भी टेलीकॉलिंग करेंगी। उन्हें पहले चरण के अभियान में नोडल अधिकारी के तौर पर राज्य स्तर से प्रशस्तिपत्र भी दिया गया था। इस साल प्रदेश के कुल छह जिलों में यह अभियान चल रहा है। इसमें जिले से टेलीकॉलिंग के लिए डॉ. नेहा सिंह, पूजा राज, डॉ. तबस्सुम खान, प्रतिभा निशि, वंदना श्रीवास्तव, मधु चौधरी, दिलीप, रामेश्वर मिश्रा, तहसीन खान और विजय यादव को प्रशिक्षित किया गया है।
राज्य में दूसरे स्थान पर रहा अपना जिला
नोडल अधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण में टेलीकॉलिंग अभियान में गोरखपुर जिला दूसरे स्थान पर था। पहले स्थान पर कानपुर था। गोरखपुर मंडल में अकेले गोरखपुर जनपद ही सम्मानित हुआ था। इस बार भी बेहतर प्रयास करके जिले को अच्छी रैंकिंग दिलाने का प्रयास किया जाएगा।