गोरखपुर से लखनऊ को जोड़ने वाला राज्यमार्ग खतरनाक है। दोनों तरफ की सड़क के बीच में डिवाइडर की ऊंचाई कम है। इससे डिवाइडर ठीक से नहीं दिखता है। संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं। कालेसर से नौसड़ के बीच डिवाइडर पर कई जगह कट बने हैं। इस रूट पर तमाम स्कूल, कॉलेज हैं। गीडा की फैक्ट्रियों तक आना-जाना होता है। इसके बावजूद कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं है। साइन बोर्ड व जेब्रा लाइन भी नहीं दिखती है।
सड़क पर साइन बोर्ड भी नहीं
बरहुआं निवासी शैलेश सिंह ने बताया कि सड़क पर कहीं पर साइन बोर्ड और किनारे पर रेलिंग नहीं है, जबकि सड़क के एक किनारे पर गांव बसा हुआ है। सड़क पर ही निर्माण सामग्री रख दी गई है। रोड पर कहीं डायवर्जन का संकेतक नहीं है, जबकि कई जगहों पर घुमावदार सड़क है। पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही है, जिसका खामियाजा सड़क से गुजरने वाले लोगों को जान देकर चुकानी पड़ रही है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र मिश्रा ने कहा कि बंधा सुंदरीकरण का काम राजकीय निर्माण निगम करा रहा है। पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क पर निर्माण सामग्री या मिट्टी नहीं है। बांध सुंदरीकरण का काम अक्तूबर तक पूरा किया जाना है।