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Gorakhpur: आठ लाख रुपये गबन के मामले में दो डाककर्मी निलंबित, पेंशनर की मृत्यु के बाद बंद नहीं किया था खाता

Sat, 06 Aug 2022 01:25 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

आरोग्य मंदिर डाकघर से भी आठ लाख रुपये निकासी का मामला सामने आया था। जानकारी के मुताबिक, सहजनवां क्षेत्र के एक पेंशनर की मौत करीब चार साल पहले हो गई थी। डाकघर के कुछ जिम्मेदारों ने पेंशन खाते को सक्रिय कर उसका संचालन जारी कर दिया जिससे पेंशन की राशि खाते में आती रही और हर महीने निकासी भी की जाती रही।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आरोग्य मंदिर उप डाकघर से आठ लाख रुपये गबन के मामले में दो डाक कर्मियों को निलंबित कर दिया है। पोस्ट मास्टर जनरल (पीएमजी) विनोद कुमार वर्मा के निर्देश पर एसएसपी ने उप डाकपाल गया प्रसाद और डाक सहायक प्रभात तिवारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

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दरअसल, आरोग्य मंदिर डाकघर से भी आठ लाख रुपये निकासी का मामला सामने आया था। जानकारी के मुताबिक, सहजनवां क्षेत्र के एक पेंशनर की मौत करीब चार साल पहले हो गई थी। डाकघर के कुछ जिम्मेदारों ने पेंशन खाते को सक्रिय कर उसका संचालन जारी कर दिया जिससे पेंशन की राशि खाते में आती रही और हर महीने निकासी भी की जाती रही।

पिछले सप्ताह मामला संज्ञान में आने पर प्रवर डाक अधीक्षक ने इसकी जांच के लिए टीम आरोग्य मंदिर उप डाकघर पर भेजी। जांच में मामले की पुष्टि हुई। टीम ने शनिवार को एसपीएम व लिपिक का बयान दर्ज किया। इसी बीच, मामला संज्ञान में आने पर पीएमजी ने प्रवर डाक अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी थी। एसएसपी ने जांच करवाने के बाद दोनों डाक कर्मियों को निलंबित कर दिया। इसकी रिपोर्ट पीएमजी को भेज दी गई।
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एसएसपी ने बताया कि आरोग्य मंदिर उप डाकघर के पेंशन खाते से दो साल तक रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। दोनों दोषी डाककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया।

पूर्व में भी निष्क्रिय खातों से निकाले गए थे 92 लाख
दरअसल प्रधान डाकघर, विश्वविद्यालय व कूड़ाघाट डाकघर के सैकड़ों निष्क्रिय खाते को सक्रिय कर कुछ लिपिकों ने एक दो लाख नहीं बल्कि 92 लाख रुपये का घालमेल कर दिया था। मामला पकड़ में आने के बाद एसएसपी डाक ने लिपिकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। सभी आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इसके बाद अन्य खातों की भी जांच चल रही थी।

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