ऐसे की वारदात
एसएसपी के मुताबिक, नौकरी दिलाने के नाम पर गौरव शुक्ला ने गोंडा के अपने परिचित दो युवकों से उनका आधार और पैन कार्ड लिया था। इसी की मदद से दो नए सिम लिए। दोस्तों के पहचान पत्र की मदद से ऑनलाइन बुकिंग की। 18 जुलाई को चालक टीपू सुल्तान लेकर निकला। नौसड़ के पास से दो युवक सवार हो गए थे जबकि दो युवक दोहरीघाट में कार से इंतजार कर रहे थे। वहां पर पहुंचने पर ओवरटेक कर कार रोक लिए और चालक को मारपीट कर सुल्तानपुर में फेंककर फरार हो गए थे।
सिद्धार्थनगर में भी कर चुके हैं वारदात
गौरव शुक्ला अपने साथियों के साथ मिलकर सिद्धार्थनगर में भी इस प्रकार की घटना को अंजाम दे चुका है। सिद्धार्थनगर के मोहाना थाने का वांछित भी है। आरोपियों के पास से पुलिस ने कार के अलावा तमंचा, छह आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड भी बरामद किए हैं।
यह है गिरोह के फरार सदस्य
पूछताछ में आरोपियों ने अपने फरार साथियों का नाम अनिल शुक्ला, प्रेम तिवारी निवासी मोहाना सिद्धार्थनगर और विमल सिंह निवासी लखनऊ बताया। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
डकैती, आर्म्स एक्ट सहित कई धाराएं बढ़ाई गई
घटना का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने आरोपितों पर डकैती, आपराधिक साजिश, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी और आर्म्स एक्ट की धारा बढ़ा दी है।
पुलिस टीम को दस हजार का इनाम
एसएसपी ने घटना के पर्दाफाश में शामिल प्रभारी निरीक्षक गीडा विनय कुमार सरोज, एसएसआई संतोष कुमार सिंह, चौकी प्रभारी पिपरौली विनय रंजन, सिपाही यादुवेंद्र यादव, सिपाही संजय सिंह, रामनारायण शुक्ला, पप्पू यादव, बृजेश यादव, धनंजय सिंह की टीम को दस हजार का इनाम दिया है।