जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए केवल इमरजेंसी वार्ड है। जहां सामान्य मरीज भी देखे जाते हैं और उन्हें भर्ती कर लिया जाता है। इमरजेंसी में न तो आपरेशन थियेटर है और न ही पैथालॉजी। गंभीर मरीजों के आने पर उन्हें मेडिकल कालेज के लिए रेफर करना पड़ता है।
जिला अस्पताल एसआईसी डॉ. एसी श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर के लिए 1.20 करोड़ रुपये का बजट शासन ने स्वीकृत कर दिया है। इसका मानचित्र भी बनकर तैयार है। शीघ्र ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। साथ ही एक्स-रे, ऑपरेशन व पैथोलॉजी जांच की सुविधा भी होगी।