संतकबीरनगर जिले के बुधवार की देर शाम जमीन संबंधी विवाद को लेकर दो पक्षों ने आपस में मारपीट की। रात में ही धनघटा थाने पर पहुंचे दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। बीच-बचाव के दौरान पहरा ड्यूटी पर तैनात सिपाही चोटिल हो गया। मारपीट के दौरान एक पक्ष का युवक घायल हो गया। जिसे पुलिस पहले सीएचसी मलौली, फिर रेफर किए जाने पर जिला अस्पताल ले गई, वहां से भी डॉक्टरों ने घायल युवक को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। घायल के भाई का आरोप है कि एसओ और अन्य पुलिस कर्मियों की पिटाई से उसका व्यापारी भाई घायल हुआ है।
धनघटा क्षेत्र के लहुरेगांव निवासी सुधीर वर्मा और उसके पट्टीदार राजकुमार वर्मा के बीच काफी समय से जमीन संबंधी विवाद चल रहा है। उसी विवाद को लेकर बुधवार की देर शाम दोनों पक्षों ने आपस में मारपीट कर ली। रात में दोनों पक्ष धनघटा थाने पर पहुंचे और थाना परिसर में ही आपस में भिड़ गए। सुधीर वर्मा का आरोप है कि पट्टीदार राजकुमार वर्मा से जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद रात करीब नौ बजे वह अपने भाई शैलेंद्र वर्मा और प्रदीप वर्मा के साथ थाने पर पहुंचे थे।
दूसरे पक्ष के लोग भी वहां पहले से मौजूद थे। किसी बात को लेकर दोनों पक्ष के बीच कहासुनी होने लगी। उसी दौरान पहरा ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मी भी वहां पहुंच गया। विपक्षियों के प्रभाव में आकर पुलिस उसके भाई शैलेंद्र वर्मा को लॉकअप के पास ले गई। आरोप है कि एसओ और अन्य पुलिस कर्मियों ने बर्बरता पूर्वक उसके भाई शैलेंद्र की पिटाई कर दी। पुलिस की पिटाई से भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
अधिकारियों ने क्या कहा
भाई के बचाव में पहुंचे सुधीर वर्मा और प्रदीप वर्मा को भी पुलिस कर्मियों ने मारा पीटा। मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए 33 वर्षीय शैलेंद्र वर्मा को पुलिस प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी मलौली ले गई, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बाद में वहां से भी डॉक्टरों ने घायल शैलेंद्र वर्मा को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया। जबकि दूसरे पक्ष के आदर्श वर्मा पुत्र राजकुमार वर्मा का आरोप है कि वह उमरिया बाजार से सब्जी लेकर बाइक से घर लौट रहे थे।
गांव के पास पहुंचे ही थे कि पहले से रास्ते में घात लगाकर बैठे सुधीर, शैलेंद्र, प्रदीप पुत्रगण राजाराम उसकी बाइक रोककर मारने-पीटने लगे। वह अपनी जान बचाकर घर में भागा तो लोग उसके घर में घुस गए। आरोप है कि लोग उसकी मात माया वर्मा को भी मारे-पीटे। बहन अंकिता और खुशी को अपशब्द कहे। लोग घर का सामान तोड़ दिए। बचाने आए भाई अंकित वर्मा और पिता राजकुमार वर्मा को र्भी इंट पत्थर लगे। शोर सुनकर लोग जुटे, तब जाकर लोग धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस ने आदर्श वर्मा की तहरीर पर उनके विपक्षी सुधीर, शैलेंद्र और प्रदीप पर मारपीट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया।
धनघटा एसओ अनिल कुमार दुबे ने कहा कि लहुरेगांव निवासी शैलेंद्र वर्मा और उनके पट्टीदार राजकुमार वर्मा के बीच जमीन संबंधी विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। दोनों पक्ष थाने में आए थे और आमने-सामने हो गए। पहरा ड्यूटी के सिपाही ने बीच-बचाव किया तो शैलेंद्र वर्मा और उनके भाइयों ने पुलिस कर्मियों से अभद्रता करते हुए धक्का-मुक्की की। शैलेंद्र वर्मा को न्यूरो की समस्या है। उसी वजह से उत्पन्न हुई परेशानी की वजह से उन्हें पहले सीएचसी मलौली और बाद में जिला अस्पताल भेजवाया गया। बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। एसओ और अन्य पुलिस कर्मियों पर लगाया गया पिटाई का आरोप बेबुनियाद है।
मलौली सीएचसी के डॉक्टर आरएस यादव ने कहा कि पुलिस कर्मी घायल शैलेंद्र वर्मा नामक युवक को अस्पताल लाए थे। शैलेंद्र वर्मा पेट और सीने में असहनीय दर्द बता रहा था और हाथ-पैर पटक रहा था। उसकी हालत खराब देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।