आरोप है कि 10 हजार रुपये लेने के बाद जामवंत को छोड़ दिया गया, लेकिन उसकी बाइक व मोबाइल फोन को पुलिस ने नहीं लौटाया। जामवंत के भाई भीम ने पुलिस से मोबाइल व बाइक के लिए संपर्क किया तो फिर से पुलिस की ओर से 10 हजार रुपये की मांग कर दी गई।
इसके बाद भीम ने जिन भी पुलिस वालों से बातचीत की, सबके फोन को रिकॉर्ड कर उसे वायरल कर दिया। एसएसपी ने इस मामले में एएसपी को जांच सौंपी थी। जांच रिपोर्ट आधार पर सभी दोषी पुलिस वालों को निलंबित करते हुए विभागीय जांच का आदेश दे दिया गया है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि चौकी इंचार्ज रहे शंभू साहनी और वहां पर तैनात तीन सिपाहियों को जांच के बाद निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच का आदेश दिया गया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।