मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी अनुदान के लिए फर्जीवाड़ा करने वाले पकड़े गए तो आवेदक और जांच करने वाले अधिकारी फंसेंगे। बलिया में सामूहिक विवाह योजना में बड़े पैमाने पर पकड़े गए फर्जीवाड़े और 15 लोगों की गिरफ्तारी से प्रशासन ने सबक लिया है। यहीं कारण है कि ऑनलाइन आवेदन की जांच करने के लिए 10 जनपद स्तरीय टीमें लगा दी गईं हैं।
गोरखपुर जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के लिए करीब 1600 जोड़ों ने आवेदन किया है। फरवरी में ही शादी समारोह होना है, जिसकी तैयारी में अधिकारी कर्मचारी जुटे हैं। मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीणा ने सोमवार को ऑनलाइन बैठक कर आवेदनों पत्रों की जांच पर बातें की।
जिले में तीसरी बार होने वाले समारोह से पहले लक्ष्य संशोधित कर दिया गया है। पहले 2147 जोड़ों की शादी के लक्ष्य के सापेक्ष 3089 जोड़ों की शादी हो चुकी है। अब संशोधित लक्ष्य 3647 हो गया है। 1600 जोड़ों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। ग्राम पंचायतों और नगर निकायों से जांच के बावजूद आवेदनों की जांच के लिए जिला स्तरीय टीमें लगाई गई हैं। सभी 1600 आवेदनों की जांच दो दिन के अंदर करनी है।
आयोजन स्थल पर होगा मिलान
सामूहिक स्थल पर भी अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें जांच करेंगी। वर-वधुओं ने जिन प्रमाणपत्रों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन किया है, उनके दस्तावेज की मिलान की जाएगी।
पुर्नविवाह के मामले में 40 हजार रुपये खाते में
पुनर्विवाह के मामले में दुल्हन के खाते में 40 हजार रुपये जमा किए जाएंगे, जबकि अन्य दुल्हनों के खाते में 35 हजार रुपये जमा होंगे। प्रत्येक जोड़े को नकद सहित 51 हजार रुपये उपहार दिए जाते हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि सामूहिक विवाह योजना के लिए हुए 1600 ऑनलाइन आवेदनों की जांच की जा रही है। जनपद स्तरीय 10 टीमें आवेदनों की जांच कर रही हैं। सात फरवरी तक जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। शादी अनुदान के लिए अपात्र ने आवेदन किया तो आवेदक और उनके आवेदनों की जांच करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।