नेपाल राष्ट्र के बांके जिला मुख्यालय नेपालगंज स्थित एक गेस्ट हाउस में शनिवार की रात को रेड पांडा की खाल और भालू के पित्त के साथ तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक यह लोग वन्य जन्तुओं के शारीरिक अंगों की तस्करी कर विदेशों में भारी कीमत पर बेचते हैं। पकड़े गए तीन लोगों से नेपाली सीबीआई व पुलिस पूछताछ करने में जुटी है।
नेपाल राष्ट्र के बांके जिला के पुलिस अधीक्षक श्याम कृष्ण अधिकारी ने बताया कि लुम्बिनी प्रदेश कार्यालय दांग से नेपाली सीबीआई व हमारे कार्यालय के जवानों ने तीन लोगों को रेड पांडा की खाल और भालू के पित्त के साथ गिरफ्तार किया है। कहा कि दांग जिले से आए अनुसंधान अधिकारियों व हमारे जवानों ने मुखबिर की सूचना के आधार पर नेपालगंज के पुष्प लाल चौक स्थित एक गेस्ट हाउस के बेसमेंट में शनिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे छापा मारा गया।
इस दौरान गेस्ट हाउस के 10 नम्बर कमरे से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। वही कमरे की सघन तलाशी के दौरान एक काले झोले में सफेद कपड़े में लिपटी प्रतिबंधित रेड पांडा की खाल बरामद हुई। जबकि बेड के नीचे काली पॉलिथीन में चार पीस भालू के पित्त भी बरामद हुए। गिरफ्तार तीनों लोगों की पहचान दांग जिले की घोराही उपमहानगर पालिका वार्ड नं चार निवासी भक्त बहादुर पुन, केशव पुन तथा शांति नगर गांव सभा वार्ड नं एक निवासी रोबिन बूढ़ा के रूप में हुई है। तीनों लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है।
पहाड़ों पर पाए जाते हैं दुर्लभ प्रजाति रेड पांडा
पहाड़ों पर पाए जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के रेड पांडा को भालू के ही परिवार का सदस्य माना जाता है। रेड पांडा ज्यादातर हिमालय की पहाड़ियों के अलावा दक्षिण-पश्चिम चीन, सिक्किम, असम और अरुणाचल प्रदेश के जंगलों में पाए जाते हैं। वर्ष 2008 के बाद रेड पांडा को लुप्तप्राय वन्यप्राणियों की श्रेणी में रखा गया है।