उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की पुरानी बस्ती पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने के तीन आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने बस्ती-कांटे मार्ग पर मकबूलगंज तिराहे के पास ऑफिस खोल रखा था। ऑफिस और तीनों के पास से तीस पासपोर्ट बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपी देवरिया, कुशीनगर और बिहार के रहने वाले हैं। गिरोह के दो सदस्य करीब दो साल पहले दिल्ली में ठगी के मामले में तिहाड़ जेल में बंद रह चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों की पहचान मोहित कुमार सिंह उर्फ कार्तिक निवासी जजौली थाना मसरख जनपद छपरा (सारण) बिहार, नागेंद्र यादव उर्फ विनय यादव निवासी ग्राम पहाड़पुर थाना तरकुलवा जनपद देवरिया तथा पवन उर्फ मोनू यादव निवासी ग्राम बटेसरा थाना कसया जनपद कुशीनगर के रूप में हुई है।
इन तीनों पर गोरखपुर के चौरीचौरा क्षेत्र के गौनर मौनहा निवासी अरुण कुमार सिंह तथा पुरानी बस्ती के करनपुर के रहने वाले राहुल चौधरी ने कंबोडिया भेजने के नाम पर ठगी करने के आरोप में मुकदमा शुक्रवार को दर्ज कराया था। तीनों ने मकबूलगंज तिराहे पर कार्तिक एक्सपोर्ट इंटरनेशनल के नाम से ट्रेवल एजेंसी खोल रखी थी।
वहां पर अलग-अलग राज्यों के बेरोजगारों को विदेश भेजकर नौकरी दिलाने के नाम पर 60 से 80 हजार रुपये की ठगी की जाती थी। अरुण और राहुल के विदेश के टिकट और वीजा की जांच की गई तो वे फर्जी मिले और तीनों का भांडा फूट गया।
एसपी ने बताया कि मोहित और नागेंद्र दिल्ली में एक मुकदमे में तिहाड़ जेल में बंद रह चुके हैं। नागेंद्र पर दिल्ली में ठगी के 16 मुकदमे दर्ज हैं। मोहित पर तीन मामले दर्ज हैं। पुरानी बस्ती थाने में गिरोह पर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
फर्जी आधार कार्ड पर सितंबर में खोली थी एजेंसी
मोहित उर्फ कार्तिक ने पूछताछ में बताया कि सितंबर 2020 में नागेंद्र उर्फ विनय के साथ बायपोखर आया। कमरा किराए पर लेने के लिए मकान मालिक को कार्तिक के नाम से फर्जी आधार कार्ड दिया तथा वहीं पर कार्तिक एक्सपोर्ट इंटरनेशनल के नाम से ट्रेवल एजेंसी खोल ली। अपना नाम पता बदलकर फर्जी नाम पता का आधार कार्ड व कागजात लगाकर बेरोजगार युवकों का पासपोर्ट जमा करवाते थे। फेसबुक पर व अन्य ऑनलाइन माध्यमों से बेरोजगार युवकों को विदेश (कंबोडिया, दुबई, रसिया) भेज कर ठगते थे।
ठगी की रकम से खरीद ली कार
मोहित ने बताया कि वह सभी ऑफिस में ग्रामीण क्षेत्र के भोले-भाले युवाओं को अपनी दुकान पर काम करने के लिए रखते थे। उन्ही के नाम पर खाता खुलवाते थे तथा उन्हीं की आईडी पर सिम भी लेते थे। बेरोजगार युवकों से मिली ज्यादातर रकम नकद या दुकान पर काम करने वाले लोगों के खातों में मंगवाते थे। खाते में आए पैसे को विभिन्न जनपदों के एटीएम में जाकर निकाल लेते थे। बीते 20 अप्रैल को जब जानकारी हुई कि एक युवक को एयरपोर्ट पर रोक दिया गया है तो ऑफिस बंद कर भाग गए। ठगी की रकम से कार भी खरीदी थी।
सामान लेने आए और चढ़ गए पुलिस के हत्थे
अपर पुलिस अधीक्षक दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को आरोपित ऑफिस से सामान लेने आए थे। इसकी भनक लगते ही सीओ सदर आलोक प्रसाद, प्रभारी निरीक्षक पुरानी बस्ती बृजेंद्र पटेल, प्रभारी स्वाट एसआई विनोद कुमार यादव व प्रभारी सर्विलांस सेल जितेंद्र सिंह की टीम को सक्रिय कर दिया गया। आरोपियों के ऑफिस से एक लैपटॉप, एक पासबुक, दो एटीएम कार्ड, एक फोन, चार पंफलेट, चार वीजा, एक बुकलेट, एक आधार कार्ड की फोटोकॉपी व 2190 रुपये बरामद हुए हैं।