पुनरीक्षण अभियान में लोगों ने दिखाई जागरूकता
एक महीने से अधिक समय तक चले मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में वोटर बनने के लिए लोगों को जागरूकता का परिचय दिया है। इनमें भी वोटर बनने को लेकर महिलाओं और युवाओं ने सबसे अधिक जागरूकता दिखाई है। एक नवंबर से पांच दिसंबर तक के अभियान के बीच कुल 79304 वोटर बढ़े हैं। इनमें अकेले 34075 आवेदन महिलाओं के हैं।
इसी तरह 18 और 19 साल के 21248 युवाओं ने भी वोटर बनने के लिए आवेदन किया है। सबसे ज्यादा 11417 वोटर गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में बढ़े हैं जबकि सबसे कम 7306 वोटर बांसगांव विधानसभा क्षेत्र में। इसी तरह 17344 वोटरों के नाम मतदाता सूची से कटे हैं। इनमें मृतक, शिफ्टेड और डुप्लीकेट वोटर शामिल हैं। पांच जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
पांच साल में युवा वोटरों की संख्या घटी
पांच साल के भीतर 18 और 19 साल के युवा वोटरों की संख्या घटी है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में ऐसे वोटरों की संख्या 36929 थी जो अब घटकर 34116 हो गई है। युवा वोटरों की घटी संख्या के लिए विश्वविद्यालय-कॉलेजों में जिला प्रशासन की तरफ से प्रभावी जागरूकता अभियान न चला पाना बड़ी वजह बताई जा रही है। वहीं अभिभावकों और खुद युवाओं ने भी जागरूकता का परिचय नहीं दिया।
वर्ष - कुल वोटर- पुरुष- महिला
2017- 3430190- 1901417- 1528567
2019- 3460283- 1904217- 1555811
2022- 3555675- 1923475- 1631926
आयोग की बैठक के लिए तेजी से चल रही तैयारी
चुनावी तैयारी जांचने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के अफसरों की टीम 28 और 29 को लखनऊ में रहेगी। टीम इन दो दिनों में प्रदेश के आला अफसरों के साथ सभी जिलों के डीएम व एसएसपी के साथ बैठक करेगी। गोरखपुर का नंबर 29 दिसंबर को है।
यहां से भी डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी विपिन ताडा बैठक में शामिल होने लखनऊ जाएंगे। इस बैठक को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही है। बूथों पर जरूरी सुविधाओं के साथ ही वोटर लिस्ट की स्थित और अपराधियों के खिलाफ हुई कार्रवाई आदि के ब्यौरे से जुड़ी बुकलेट तैयार की जा रही है। इस बुकलेट के साथ ही जिले के दोनों अफसर लखनऊ प्रस्थान करेंगे।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने कहा कि चुनावी तैयारियां आखिरी चरण में है। मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान समाप्त हो गया है। पांच जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। इस दौरान लोगों ने वोटर बनने के लिए काफी जागरूकता दिखाई। चुनाव को लेकर सभी अफसरों को उनकी जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं। बूथों पर मौजूद सुविधाओं का सत्यापन कराया जा रहा है। जो कमियां हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है। जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू हो जाएगा।