प्रधानमंत्री आवास के नाम पर वसूली का ऑडियो वायरल होने के बाद अब एक वीडियो भी वायरल हुआ। इसमें सर्वेयर प्रधानमंत्री आवास के लिए पैसे लेने की बात स्वीकार कर रहा है। खास बात यह है कि वीडियो डूडा दफ्तर का है। वीडियो अमर उजाला के पास सुरक्षित है।
मामला बेतियाहाता वार्ड का है। मलिन बस्ती के अवधेश की पत्नी इंद्रावती के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति मिली। आरोप है कि लेखपाल की रिपोर्ट के बाद जिओ टैगिंग के नाम पर सर्वेयर ने महिला से 10 हजार रुपये ले लिए। इसकी शिकायत लेकर महिला क्षेत्र के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के पास पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि जो लाभार्थी रुपये दे रहा है, सिर्फ उसी का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में आ रहा है।
जानकारी मिलने के बाद पार्षद डूडा दफ्तर पहुंचे। वार्ड के सर्वेयर को बुलवाया और प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर पैसे लेने की जानकारी मांगी। डूडा कार्यालय में ही सर्वेयर ने स्वीकार किया कि उसने पैसे लिये हैं। हालांकि यह नहीं स्वीकार किया कि कितना रुपये लिए हैं। पार्षद के पूछने पर कि रुपये क्यों लिए?
सर्वेयर का कहना था कि गलती हो गई और वह रुपये भी लौटा देगा। साथ ही सर्वेयर ने यह भी कहा वह रुपये नहीं मांगता है, लोग खुशी से दे देते हैं। यह पूछने पर कि जो रुपये ले रहे हो किस-किस तक पहुंच रहा है, सर्वेयर एजेंसी संचालक का नाम लेता है। वीडियो में वह बार-बार यह भी कहता हुआ दिख रहा है कि गलती हो गई और वह रुपये भी लौटा देगा। कहिए तो काम ही छोड़ दें।