गोरखपुर विश्वविद्यालय में वार्षिक परीक्षा की तिथि घोषित होने के बाद भी छात्रावास न खोलने से नाराज छात्रों ने प्रशासनिक भवन के गेट और बाद में वीआइपी गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। शुक्रवार को पांच घंटे तक धरने पर बैठे छात्रों ने प्रदर्शन तब समाप्त किया जब अधिष्ठाता छात्र कल्याण और चीफ प्राक्टर ने छात्रावास खोलने के संबंध में उन्हें आश्वासन दिया।
छात्रों ने पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रावास खोलने के संबंध में आग्रह किया था। शुक्रवार सुबह 11 बजे से ही विद्यार्थी छात्रावास परिसर में जुटने लगे। एनसी छात्रावास के वार्डेन प्रो. एसके सिंह ने छात्रों को समझाने की कोशिश की। लेकिन प्रो. सिंह से कोई आश्वासन नहीं मिलने पर छात्र नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन के गेट पर पहुंच गए। वहां जब चीफ प्राक्टर ने कैंट पुलिस की मदद से उन्हें रोकने की कोशिश की तो छात्र धरने पर बैठ गए।
छात्रों का कहना था कि छात्रावास न खुलने की वजह से उन्हें परीक्षा की तैयारी करने में काफी दिक्कत हो रही है। शाम साढ़े पांच बजे जब चीफ प्राक्टर ने छात्रों को शनिवार से हॉस्टल खोलने का आश्वासन दिया तब जाकर छात्र माने। छात्रों ने कहा कि अगर आश्वासन गलत हुआ तो वे फिर से धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। इस दौरान नितेश मिश्रा, पीयूष द्विवेदी, रजनीश पांडेय, शिवम मिश्रा, विशाल सिंह, अभिषेक, विश्वेंद्र चतुर्वेदी, अरुण यादव आदि शामिल रहे।