लोन से गीतारानी ने खोली फर्नीचर की दुकान।
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लॉकडाउन में नौकरी छूटने के कारण भुखमरी की कगार पर पहुंचे गोरखपुर जिले के रानापार गांव की गीतारानी के परिवार को चंदा महिला स्वयं सहायता समूह ने संभाला। समूह से जुड़कर गीतारानी ने फर्नीचर की दुकान खोली। वर्तमान में वह क्षेत्र की प्रतिष्ठित फर्नीचर की दुकान की मालिक हैं और दो लोगों को नौकरी देकर उनके परिवार चलाने में मददगार साबित हो रही हैं।
विकास खंड ब्रह्मपुर के रानापार गांव निवासी गीतारानी के पति दिनेश यादव महाराष्ट्र में फर्नीचर की दुकान पर काम करते थे। कोरोना की पहली लहर में नौकरी चली गई। इससे परिवार पर भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया। गांव के चंदा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं गीतारानी ने साथी सदस्यों को अपनी समस्या बताई।
इस दौरान उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक प्रबंधक से जानकारी मिली कि बाहर से लौटने वाले मजदूरों को समूह के माध्यम से स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।