गोरखपुर शहर के मोबाइल फोन के दो थोक विक्रेताओं ने चोरी के मोबाइल खरीदे और फुटकर दुकानदारों को बेच दिए। नतीजा रहा कि चोरी का मोबाइल फोन ग्राहकों तक पहुंच गया। ग्राहक ने मोबाइल फोन में सिम लगाया तो तुरंत अलर्ट का एसएमएस आ गया। एसएमएस में लिखा गया कि यह मोबाइल फोन चोरी का है। इसे जहां से खरीदा है, वहां वापस कर दिया जाए।
यह सूचना मिलते ही ग्राहकों के होश उड़ गए। आनन-फानन ग्राहक फुटकर दुकानदारों के वहां गए। तब चोरी के मोबाइल खरीद का मामला सामने आ सका। बहरहाल, फुटकर दुकानदारों ने ग्राहक से मोबाइल फोन वापस लेकर दूसरा दे दिया है। इस मामले की जांच में एसटीएफ लगी है। चोरी का मोबाइल खरीदने वालेे थोक व फुटकर दुकानदार एसटीएफ के रडार पर हैं।
शहर के मोबाइल कारोबारियों के बीच सोमवार को दिनभर चोरी के मोबाइल खरीदने व बेचने की चर्चा खूब रही। दरअसल, नोएडा की एक निजी कंपनी के वेयर हाउस से पिछले दिनों 8990 मोबाइल गायब कर दिए गए थे। कंपनी की सूचना पर मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच की जा रही थी।
इसी बीच एसटीएफ ने मथुरा से कुछ मोबाइल बरामद कर लिए गए। कई आरोपितों की गिरफ्तारी भी हुई है। मामले की छानबीन जारी है। इसी बीच पता चला कि चोरी के मोबाइल फोन गोरखपुर के दो थोक विक्रेताओं के पास भेजे गए हैं। थोक विक्रेताओं ने यही मोबाइल फुटकर दुकानदारों को बेचे हैं। जब ग्राहक मोबाइल खरीद कर ले गए थे और सिमकार्ड लगाया तो कंपनी की तरफ से मैसेज आया।
इसमें लिखा था कि मोबाइल चोरी का है, इसकी रिपोर्ट भी दर्ज की जा चुकी है। जिस डीलर से इसे लिया है, वहां जाकर संपर्क करें। सूत्रों के मुताबिक ग्राहक जब मोबाइल लेकर उक्त दुकानदार के पास गए तो उन्होंने बिना कुछ कहे सुने सीधे मोबाइल जमा कराया और धनराशि वापस कर दी। कुछ के मोबाइल बदल दिए गए। इसके बाद फुटकर दुकानदारों ने सीधे थोक विक्रेताओं को जानकारी दी।