गोरखपुर में मथुरा पुलिस का छापा।
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चोरी के मोबाइल फोन गोरखपुर में बेचे जाने की सूचना पर मथुरा से आई पुलिस की टीम जटेपुर पुलिस के साथ शुक्रवार को बलदेव प्लाजा पहुंची और एक दुकानदार समेत चार लोगों को हिरासत में लिया। टीम सुबह 11 बजे यहां पहुंची और कुछ दुकानों पर छापा मारकर संदिग्धों को पकड़ा। इससे मोबाइल विक्रेता दहशतजदा हैं।
जानकारी के मुताबिक, नोएडा की एक कंपनी के आठ हजार से ज्यादा मोबाइल फोन गायब हो गए थे। इस मामले में मथुरा सहित कई जिलों में मुकदमा दर्ज है। एसटीएफ ने कई आरोपितों को गिरफ्तार भी किया था। इसी बीच सूचना मिली कि चोरी के मोबाइल गोरखपुर के दो थोक विक्रेताओं ने भी खरीदे थे। थोक विक्रेताओं ने ही इसे फुटकर बाजार तक पहुंचाया। कई दुकानदारों ने मोबाइल ग्राहकों को बेच दिए थे।
इसी का नतीजा रहा कि दुकानदार जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए।
मथुरा पुलिस ने शुक्रवार की सुबह से ही संदिग्ध दुकानदारों के आसपास डेरा डाल दिया। इसी बीच एक युवक श्याम एजेंसी पर आया और खुद के पास चोरी का मोबाइल होने की बात बताई। दुकान पर पहले से ही मथुरा पुलिस खड़ी थी। दुकान के मालिक उमेश शरण पांडेय ने ग्राहक से जैसे ही मोबाइल फोन वापस लेने को कहा, उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
इसके साथ चार अन्य लोगों को आसपास की दुकानों से हिरासत में लिया गया। इसके बाद बलदेव प्लाजा में पुलिस आने की खबर फैल गई। इस सिलसिले में मोबाइल कारोबारियों का पक्ष नहीं मिल सका है। पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
कंपनी ने भेजी आईएमईआई की लिस्ट
सूत्रों के मुताबिक गोरखपुर में मोबाइल फोन खपाए जाने की सूचना पर कंपनी भी सतर्क हो गई थी। कंपनी की तरफ से 36 पन्नों की आईएमईआई लिस्ट भेजी गई थी। उन्हीं आईएमईआई नंबरों वाले मोबाइल को गोरखपुर में बेचे और प्रयोग किए जाने की सूचना है। यही सूची मथुरा से आई टीम के पास थी। मोबाइल कंपनी लगातार पुलिस की टीम के अलावा अलग-अलग जिलों में मोबाइल कंपनी के सर्विस एजेंसी वालों के भी संपर्क में है।