गोरखपुर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से लिए गए खाद्य सामग्री के सैंपल फेल होने पर अपर जिलाधिकारी नगर विनीत कुमार सिंह की कोर्ट ने 25 कारोबारियों पर करीब पौने चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कुछ खाद्य सामग्रियां मिस ब्रांड पाई गईं तो कई उत्पाद अधोमानक या मिलावटी पाए गए। कारोबारियों पर पांच हजार से 45 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है।
अभिहित अधिकारी कुमार गुंजन ने बताया कि खेमचंद्र कृपलानी की दुकान से लिया गया पनीर का सैंपल अधोमानक पाया गया। सतीश यादव, सौरभ यादव की दुकान से लिया गया पनीर भी अधोमानक मिला और उन पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। मुन्नालाल गुप्ता के यहां से नवरात्र के समय लिए गए सिंघाड़ा के आटे का सैंपल मिलावटी पाया गया।
इस कारोबारी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दिनेश कुमार के यहां से नमकीन व रोहित के यहां से पावरोटी मिथ्याछाप (मिसब्रांड) मिलने पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। डाइट स्नेक्स मिथ्याछाप मिलने पर सुनील कुमार पर पांच हजार, लाइसेंसी सैयद सुवाद अली पर 10 हजार रुपये, मिथ्याछाप सोनपापड़ी एवं नमकीन मिलने पर अमित कलवानी पर 10-10 हजार रुपये का दो जुर्माना लगाया गया।
गेहूं का आटा मिथ्याछाप मिलने पर मैनेजर पर दो हजार रुपये जबकि दुकान के मालिक मोहित सराफ पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। मिथ्याछाप सोनपापड़ी मिलने पर शिव नमकीन गृह उद्योग पर 10 हजार रुपये, कुट्टू का आटा मिथ्याछाप मिलने पर अभय कुमार पर आठ हजार रुपये, किसमिस मिलने पर विजय जायसवाल पर 10 हजार रुपये, छेने की मिठाई में मिलावट मिलने पर गोविंद मोदनवाल पर आठ हजार रुपये, भैंस के दूध में मिलावट मिलने पर अमरनाथ यादव, पारस यादव पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
संजय कुमार गुप्ता पर आठ हजार, कृष्णकांत पर 10 हजार, अरविंद गुप्ता, तुलसीदास यादव पर पांच-पांच हजार, वीरेंद्र गुप्ता पर पांच हजार, अग्रवाल एग्रो सेल्स पर 10 हजार रुपये, संजय गुप्ता पर 10 हजार जुर्माना लगाया गया। टमाटर की चटनी अधोमानक मिलने पर अनिल कुमार जायसवाल पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। मिलावटी बूंदी का लड्डू बेचने पर बृजेश कुमार गौड़ पर सात हजार, मिथ्याछाप पपड़ी के लिए राकेश चौरसिया पर सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।