फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत: मदरसा शिक्षकों को मिलेगा राज्यांश, प्रदेश सरकार ने जारी किया 2020-21 वर्ष का बकाया मानदेय

Sat, 17 Jul 2021 12:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

स्नातक शिक्षकों को 4920 और परास्नातक को मिलेंगे 7380 रुपये।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मानदेय का केंद्रांश पाने का लंबे समय से इंतजार कर रहे मदरसा आधुनिक शिक्षकों को राज्य सरकार ने राहत दी है। इनको ईद उल अजहा से पहले राज्यांश मिलने वाला है। शिक्षकों ने राज्यांश मिलने पर खुशी तो जताई साथ ही कहा कि चार साल का बकाया केंद्रांश भी जारी किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने जिले के आधुनिक मदरसा शिक्षकों के लिए वित्त वर्ष 2021-22 का राज्यांश जारी किया है। इसके तहत स्नातक आधुनिक मदरसा शिक्षकों को 4920 रुपये और परास्नातक, बीएड शिक्षकों को 7380 रुपये आवंटित किया जाएगा। जिले के 153 मदरसे पंजीकृत है। इनमें 92 स्नातक और 362 परास्नातक, बीएड शिक्षक आधुनिक विषय पढ़ाते हैं। इन शिक्षकों को राज्यांश मानदेय के रूप में देने के लिए 31.24 लाख रुपये जारी किए गए हैं।

मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एकता समिति के अध्यक्ष अशरफ अली सिकंदर बाबा ने बताया कि ईद उल अजहा के ठीक पहले राज्यांश जारी किए जाने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे मदरसा शिक्षकों को थोड़ी राहत मिलेगी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि आदेश जारी हो गया है। विभाग से धनराशि मिलते ही संबंधित मदरसा, मकतबों के जरिए शिक्षकों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
विज्ञापन


अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं में सरकार बनवाएगी छात्रावास
भारत सरकार अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए छात्रावास निर्माण में मदद करेगी। छात्रावास निर्माण में होने वाले खर्च का 75 प्रतिशत धन केंद्र सरकार देगी, जबकि 25 फीसदी संस्था को खर्च करना पड़ेगा। जिले के चार अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं को इसका लाभ मिल सकता है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि भारत सरकार अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट इन माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशन योजना के तहत छात्रावास का निर्माण कराएगी। इस योजना का लाभ उन शिक्षण संस्थाओं को मिलेगा जो राज्य या केंद्र सरकार से अल्पसंख्यक संस्था घोषित हो। स्वैच्छिक संगठन, समितियां, न्यास आदि जो भारत सरकार या राज्य सरकार के अंतर्गत पंजीकृत हों। इन संस्थाओं को कम से कम तीन साल पहले राज्य सरकार या भारत सरकार से मान्यता मिली हो और वर्तमान में अस्तित्व में हो। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की चार शिक्षण संस्थाएं अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं के रूप में पंजीकृत हैं। इच्छुक शिक्षण संस्था का प्रबंधन 31 जुलाई तक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें