खड्डा कस्बे में रविवार देर रात छापा मारकर अफसरों ने लगभग 818 बोरी मटर बरामद की।
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कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने की कोशिश के चलते चाइनीज मटर के तस्कर, भारतवासियों की सेहत के साथ देश की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहे हैं। कोरोना के चलते भारत-नेपाल बॉर्डर सील होने के बावजूद नेपाल से लाई गई 818 बोरी चाइनीज मटर की बड़ी खेप कुशीनगर तक पहुंचना, इस बात का साफ संकेत है कि सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां निष्क्रिय और तस्कर सक्रिय हैं। निहितार्थ यह है कि सील सीमा में सुराख बनाने वाले ये तस्कर, जिस तरह से चाइनीज मटर यहां ला रहे हैं, वे नेपाल से कुछ भी ला सकते हैं। खबर है कि जिस रास्ते मटर की तस्करी हो रही है, वहां पहले से ही माओवादियों की सक्रियता है।
एडीजी गोरखपुर के निर्देश पर रविवार की रात में कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र में चाइनीज मटर की बड़ी खेप पकड़ी गई है। बताया जा रहा है कि यह मटर महराजगंज बॉर्डर के रास्ते भारत में लाई गई थी। महराजगंज के निचलौल क्षेत्र से यह मटर कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र के लखुआ-लखुई गांव पहुंची। छितौनी कस्बे के पास भी एक दुकान में माल एकत्रित किया गया था। स्थानीय पुलिस की मदद से चल रहे इस अवैध धंधे की सूचना रविवार की रात में एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार को मिली तो उन्होंने सीधे एसपी को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
रात में 12 बजे एडीएम कुशीनगर विंध्यवासिनी राय और एएसपी अयोध्या प्रसाद सिंह फोर्स लेकर पहुंचे तो एक जगह पिकअप व ट्रक पर हरी मटर की बोरियों को लोड किया जा रहा था। कुल 818 बोरी चाइनीज मटर पकड़ी गई। स्थानीय लोग कहते हैं कि आश्चर्य की बात है कि दूसरे देश से अवैध तरीके से लाया गया सामान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 40 किलोमीटर अंदर तक पहुंच गया और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक कैसे नहीं लगी ? जानकारों का मानना है कि यह सब स्थानीय पुलिस की मदद से ही चल रहा था, इसीलिए सूचना देने वाले ने सीधे एडीजी को खबर दी जिससे कि पुलिस धंधेबाजों की मदद न करने पाए।
माओवादी ले सकते हैं इस नेटवर्क का फायदा
बिहार प्रांत के वाल्मीकिनगर जंगल के बगल में ही दोन का जंगल व पहाड़ है। इस दुर्गम क्षेत्र में लंबे अरसे से माओवादियों की मौजूदगी बनी हुई है। थारू जनजाति की बहुलता वाले इस इलाके में सुरक्षा के लिए लिहाज से हर वक्त एसएसबी तैनात रहती है। माओवादी विचारक नरेंद्र ओसे की लंबे समय तक इस क्षेत्र में सक्रियता रही है। खड्डा क्षेत्र में कई बार लाल सलाम का झंडा भी लग चुका है। जिस रास्ते हरे मटर की तस्करी हो रही है, उस रास्ते माओवादी आसानी से नेपाल के जरिये चीन से हथियार व अन्य अवैध सामान भी मंगा सकते हैं। लिहाजा यह सुरक्षा के लिए बड़ा खतरनाक हो सकता है।
सेहत के लिए खतरनाक है चाइनीज हरी मटर
चीन से नेपाल के जरिये बड़ी मात्रा में हरे मटर को भारत में खपाया जा रहा है। नेपाल में औसतन 20 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिकने वाली यह मटर भारत में आते ही 80 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव तक पहुंच जाती है। अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार चाइनीज मटर में नकली मटर की मिलावट होती है। यह नकली मटर सोयाबीन आदि से बनाई जाती है, जिस पर सोडियम मेटाबाई सल्फेट नामक केमिकल का लेप होता है। इससे यह मटर लंबे समय तक सुरक्षित व हरा बना रहता है, परंतु यह केमिकल कैंसर को बढ़ावा देने वाला होता है। चाइनीज मटर उबालने पर भी जल्दी नर्म नहीं होती, यह स्वास्थ्य के लिए घातक है।
एडीजी से मिलकर गहन जांच की करेंगे मांग: विधायक
कुशीनगर जिले के खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना काल में बॉर्डर सील होने के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में चाइनीज मटर पकड़ा जाना खतरे का संकेत है। इससे पहले मसाला, सुपारी व शराब की खेप भी पकड़ी जा चुकी है। आश्चर्य है कि क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली इस तस्करी पर पुलिस रोक नहीं लगा पा रही है। खड्डा में पकड़े गए माल के मामले में तो वहां की स्थानीय पुलिस की सीधी संलिप्तता की बात सामने आ रही है। ऐसे में इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच व आरोपित धंधेबाजों व पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर वह एडीजी से मिलेंगे। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रकरण मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी पहले से नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा उपाय सख्त करने के हिमायती रहे हैं।