रविवार को 12 सचल टीमों ने 843 लोगों का इलाज किया। इसमें 455 महिलाएं, 388 पुरुष, 81 बच्चे, 9 गर्भवती, 65 वृद्ध और एक दिव्यांग शामिल हैं। मरीजों में सबसे ज्यादा त्वचा रोगी मिले हैं। 244 मरीजों में त्वचा रोग की पुष्टि हुई है।
गोरखपुर में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। अब तक जहां बुखार ने लोगों की समस्याएं बढ़ाई थीं। अब त्वचा रोग ने लोगों को परेशान कर दिया है। बाढ़ प्रभावित गांव ब्रह्मपुर और जोगिया में रविवार को सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने मरीजों का इलाज किया। उनके निर्देशन में 12 अन्य सचल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं।
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जानकारी के मुताबिक रविवार को 12 सचल टीमों ने 843 लोगों का इलाज किया। इसमें 455 महिलाएं, 388 पुरुष, 81 बच्चे, 9 गर्भवती, 65 वृद्ध और एक दिव्यांग शामिल हैं। मरीजों में सबसे ज्यादा त्वचा रोगी मिले हैं। 244 मरीजों में त्वचा रोग की पुष्टि हुई है। इनके शरीर में चकत्ते, दाने, पैरों में सड़न, त्वचा से बदबू जैसी समस्याएं देखने को मिलीं। 90 मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मिले।
28 मरीजों में उल्टी-दस्त की समस्या मिली। 481 मरीज दूसरी बीमारियों से ग्रस्त मिले। सीएमओ ने बताया कि 4169 क्लोरीन की गोलियां वितरित की गईं। 216 ओआरएस पैकेट भी ग्रामीणों को दिए गए। इसके साथ ही 650 हैंडपंप का क्लोरिनेशन किया गया। टीम लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की जांच में जुटी है।