गोरखपुर में बाढ़: राजमती की मदद के लिए आगे आए दानवीर।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दो वक्त की रोटी के लिए तपती दुपहरी में हाईवे के किनारे अमरूद बेचने वाली नौसड़ क्षेत्र के घोला मोहल्ले की बुजुर्ग राजमती को मदद की बयार से राहत महसूस हुई। रविवार को शहर के दो मानिंद लोग उनके पास पहुंचे और रोजगार को बेहतर बनाने के लिए आर्थिक मदद दी। संकट में सहारा मिलने से भावुक हुईं बुजुर्ग राजमती ने अमर उजाला को धन्यवाद देते हुए कहा कि ‘ई मदद जीवन बदल दी, अब केहू के सामने हाथ ना फैलावे के पड़ी’।
नौसड़ इलाके के घोला मोहल्ले की रहने वाली बुजुर्ग राजमती के दरवाजे तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है। बेटा बेरोजगार है और बेटी भी शादी लायक हो चुकी है। पति के इलाज में ही खेती भी बिक चुकी है। ऐसे में जीवन-यापन के लिए राजमती गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे टोकरी में थोड़ा सा अमरूद रखकर बेंचती है।
अमर उजाला ने इस बुजुर्ग महिला की जीवटता को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस बुजुर्ग की परेशानी को लोगों ने बड़ी शिद्दत से महसूस किया था। रविवार को शिवा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद ताहिर पहुंचे और अपनी तरफ से अनाज, सब्जी, तेल आदि उपलब्ध कराया। निदेशक ने इस बुजुर्ग को हर महीने राशन उपलब्ध कराने की बात कही है। इसके अलावा बेटी की शादी में भी सहयोग का आश्वासन दिया।
इसके अलावा जेसीआई के पूर्व अध्यक्ष सीए हिमांशु अग्रवाल और उनकी पत्नी ऋषिका अग्रवाल ने 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देकर संबल प्रदान किया। हिमांशु ने महिला को बेटी की शादी में सहयोग का भरोसा भी दिया। मदद पाकर भावविभोर राजमती ने इसके लिए मदद देने वालों को धन्यवाद देते हुए आशीर्वाद भी दिया। बुजुर्ग का कहना था कि वे इन पैसों से ठेला बनवाकर उसी पर अमरूद बेचेंगी। इस कार्य में बेटे को भी लगाएंगी, जिससे कि उसे रोजगार के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। अगले साल बिटिया की शादी करेंगी।