12 बीमारियों से बचाता है टीका
सीएमओ ने बताया कि नियमित टीकाकरण 12 प्रकार की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। टीबी, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, टिटनेस, मिजिल्स, परट्यूटिस (काली खांसी), रूबेला, जेई (दिमागी बुखार), निमोनिया, वायरल डायरिया और हीमोफिलस इंफ्लुएंजा से बचाने में टीकों की भूमिका अहम है। निजी अस्पतालों में इन बीमारियों से बचाव के लिए महंगे दामों पर टीके लगवाने पड़ते हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में यह टीके पूरी तरह से निशुल्क हैं।
ये निशुल्क टीके हैं आवश्यक
- बच्चे के जन्म पर बीसीजी, हेपेटाइटिस बी एवं पोलियो की जीरो डोज लगेगी।
- बच्चे के डेढ़ महीने के होने पर पेंटावैलेट एक, ओपीवी एक, एफआईवीपी एक, रोटा एक एवं पीसीवी एक लगेगा।
- बच्चे के ढाई महीने के होने पर पेंटावेलेट दो, ओपीवी दो और रोटा दो लगेगा।
- बच्चे के साढ़े तीन महीने के होने पर पेंटावेलेट तीन, ओपीवी तीन, एफआईपीवी दो, रोटा तीन एवं पीसीवी दो लगेगा।
- बच्चे को नौ से बारह महीने की उम्र में एमआर एवं जेई पहला टीका, पीसीवी और विटामिन ए देंगे।
- 16 से 24 माह की उम्र में बच्चे को एमआर, जेई, डीपीटी, ओपीवी और विटामिन ए हर छह माह पर पांच साल तक देंगे।
- बच्चे को पांच से छह साल की उम्र में डीपीटी दो लगेगा।
- बच्चे को 10 साल की उम्र में टीडी का टीका लगेगा।
- बच्चे को 16 साल की उम्र में टीडी।
- गर्भवती को टीडी का टीका लगता है।