पहले चरण में 272 किमी में लगेंगे सिग्नल
ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम को पहले फेज में करीब 272 किलोमीटर लंबाई में लगाया जाएगा। इसके लिए बाराबंकी से गोंडा, बस्ती व गोरखपुर कैंट के बीच की रेल लाइन को चुना गया है। दूसरे चरण के लिए सीतापुर-बुढ़वल रेलखंड को चुना गया है।
एक किमी की दूरी पर लगेंगे सिग्नल
अलग-अलग ब्लॉक में एक किमी की दूरी पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगेंगे। अगर कोई ट्रेन यार्ड में पहुंचने वाली है तो उसे रेड सिग्नल, उसके बाद की ट्रेन को डबल यलो और उसके पीछे की ट्रेन को यलो सिग्नल मिलेगा। अगर इसके बाद कोई ट्रेन होगी तो उसका सिग्नल ग्रीन हो जाएगा। मसलन, जगतबेला से सहजनवां के बीच की दूरी छह किमी है, इसके बीच में एक रूट पर तीन ट्रेनें चल सकेंगी।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम के अंतर्गत लखनऊ-गोरखपुर कैंट के बीच 434 किमी कार्य स्वीकृत है। इस सिस्टम से वर्तमान आधारभूत संरचना के साथ लाइन की क्षमता बढ़ जाएगी और ज्यादा ट्रेनें चल सकेंगी। सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल से निगरानी होगी।