- बच्चों को अभिभावकों की अनुमति से ही विद्यालय बुलाया जाएगा।
- उपस्थिति के लिए लचीला रूख अपनाना होगा, किसी विद्यार्थी को बाध्य नहीं किया जाएगा।
- विद्यालय खोले जाने से पूर्व पूरी तरह सैनिटाइज कराया जाएगा, यह प्रक्रिया प्रतिदिन हर पाली के बाद नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
- विद्यालयों में सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग, मेडिकल रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करना होगा। किसी में लक्षण नजर आए तो प्राथमिक उपचार देकर घर भेजना होगा।
- शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी को हैंड सैनिटाइज या हैंड वाश करने पर ही परिसर के अंदर प्रवेश दिया जाएगा।
- विद्यालय के मुख्य द्वारा से प्रवेश और छुट्टी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का शत प्रतिशत पालन करना होगा।
- यदि विद्यालय में एक से अधिक प्रवेश द्वार है तो उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
- सभी विद्यालयों के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए मॉस्क लगाना अनिवार्य होगा, विद्यालय प्रबंधन की ओर से अतिरिक्त मात्रा में मॉस्क रखा जाए।
- विद्यार्थियों के छह फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था की जाए।
- ऑनलाइन क्लास पूर्व की भांति जारी रहेगी, जो विद्यार्थी ऑनलाइन क्लास से वंचित हैं। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय बुलाया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि 19 अक्तूबर से स्कूलों के संचालन को लेकर सीबीएसई, आईसीएसई और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ अलग अलग बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। सभी स्कूल संचालकों को गाइड लाइंस का शत प्रतिशत पालन करना होगा। किसी प्रकार की कोताही बर्दाशत नहीं की जाएगी।