गोरखपुर जिले के बलुआ में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। गांव में मिले 19 संक्रमितों के जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए नमूने गुरुवार को लखनऊ भेजे गए हैं। इसके अलावा स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है।
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि बलुआ गांव गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज तहसील में पड़ता है, लेकिन वह महराजगंज जिले के धानी स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आता है। इसलिए वहां स्वास्थ्य सेवा संबंधित कार्य महराजगंज जिले की टीम कर रही है। लेकिन बलुआ गांव के नजदीक के दो गांवों में गोरखपुर जिले के स्वास्थ्य महकमे ने कोविड की जांच शुरू कर दी है। इनमें शिवपुर करमहा और बसंतपुर गांव शामिल हैं। इसमें शिवपुर करमहा गांव में 48 लोगों को कोविड जांच कराई गई, लेकिन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं बसंतपुर गांव में भी लोगों की कोविड जांच कराई जा रही है। यहां भी कोई भी पॉजिटिव अब तक नहीं मिले हैं।
बताया कि जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके चौधरी और सैंपलिंग प्रभारी डॉ. अनिल कुमार सिंह की देखरेख में टेस्ट और सर्विलांस की गतिविधियां चल रही हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. भगवान प्रसाद को दिशा-निर्देश दिया गया है कि आसपास के सभी गांवों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अलर्ट करते हुए बुखार, खांसी, जुकाम जैसे लक्षण वाले मरीजों की जांच तत्काल कराएं। कैंपियरगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के बलुआ गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धानी, महराजगंज की स्वास्थ्य टीम ने गुरुवार को कैंप लगाकर पांच सौ लोगों को पहली डोज की वैक्सीन लगाई। इस दौरान भारी भीड़ रही।
जिले में 44 टीम कर रही हैं जांच
सीएमओ ने बताया कि जिले में कुल 44 टीम कोविड जांच के लिए लगाई गई हैं। प्रतिदिन 2000 एंटीजन और इतने ही आरटीपीसीआर जांच जिले भर में किए जा रहे हैं।