दूसरी तरफ, कप्तानगंज से पड़रौना तक 27 किमी सड़क का काम कराया जा रहा है। यह 89 करोड़ का प्रोजेक्ट है। इसका काम अंतिम चरण में है। यहां एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाना है। ओवरब्रिज पूरा होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन आसान हो जाएगा।
लखनऊ-मुजफ्फरपुर फोरलेन, यह बिहार सीमा पर जाकर सलेमगढ़ के पास मिलता है। पीलीभीत-सलेमगढ़ मार्ग तमकुहीराज के पास इसी फोरलेन में मिलेगा। यह सड़क महराजगंज होकर भी जाएगी। गोरखपुर से पीलीभीत तक जाने के लिए महराजगंज के पास कहीं भी उस मार्ग पर पहुंचा जा सकता है।
प्रभारी एक्सईएन एनएच केशव लाल ने कहा कि एनएच 730 पीलीभीत से सलेमगढ़ तक 178 किमी लंबा है। इसे 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। कम ट्रैफिक होने के कारण इसे शायद फोरलेन के लिए नहीं चुना गया। शोहरतगढ़ से धानी तक 34 किमी की डीपीआर बनाई जा रही है। इस पर 350 करोड़ लागत आएगी। इसी प्रकार कप्तानगंज-पडरौना तक 27 किमी पर काम हो रहा है। यह 89 करोड़ का प्रोजेक्ट है।