साधु शरण को न्याय कब मिलेगा?
आरोपी पकड़े जाएंगे या जांच में खेल हो गया है, इसकी जानकारी तो तब ही हो पाएगी जब चार्जशीट दाखिल की जाएगी। मगर इतना साफ है कि न्याय देने की इस प्रक्रिया ने ही साधु शरण के हिम्मत को तोड़ दिया था। बिना न्याय पाए ही उनकी मौत हो गई और परिवार वाले भी आस छोड़ ही चुके हैं।
ये है पूरा मामला
17 जुलाई 2021 को संपूर्ण समाधान दिवस के दिन अपनी फरियाद लेकर साधु शरण खजनी तहसील में गए थे। यहां पर इंसाफ पाने की चाह में लाइन में लगे और वहीं उनकी मौत हो गई थी। पहले तो प्रशासनिक अफसरों ने मौत पर ही पर्दा डालने की कोशिश की, लेकिन फिर मामले के तूल पकड़ने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था।
तत्कालीन एसडीएम खजनी पवन कुमार, सीओ खजनी (वर्तमान में एसपी क्राइम) इंदु प्रभा सिंह भी साधु शरण के घर पहुंच गईं। अफसरों ने इंसाफ दिलाने के इतने बड़े-बड़े वादे किए कि साधु शरण के परिवार को लगा कि शायद उनकी मौत के बाद ही सही, इंसाफ तो मिल ही जाएगा। पुलिस ने इस मामले में जिनका नाम सामने आया था उसके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने, धमकी देने की धारा के तहत केस दर्ज करने की औपचारिकता भी पूरी कर ली। पर इस मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।