आरएमआरसी (रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर) में आने वाली आधुनिक मशीनों के लिए इंडियन मेडिकल काउंसिल मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने ऑर्डर कर दिया है। उम्मीद है कि जर्मनी, स्विट्जरलैंड और अमेरिका से आने वाली ये मशीनें फरवरी माह में आरएमआरसी को मिल जाएंगी। इसके बाद से जिले में ही जीनोम सीक्वेंसिंग हो सकेगी।
आरएमआरसी के निदेशक डॉ. रजनीकांत ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस) मशीन जर्मनी से आनी है। इसी से वायरस के नए वैरिएंट का पता लगाया जाता है।
इसके अलावा साइटोकाइन मशीन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का पता लगाती है। फ्लो क्यटोमैट्री मशीन कोशिकाओं की जांच कर बीमारियों का पता लगाती है।