बुद्ध प्रवेश द्वार से प्रवेश करते ही लोटस समूह को आवंटित जमीन पर लंबे समय से कोई निर्माण नहीं हो रहा था। जीडीए की ओर से आपत्ति दर्ज कराने के बाद समूह ने यहां हालिडे इन होटल खोलने की बात कही है। इस संबंध में प्रपत्र भी जीडीए में जमा कराए गए हैं। इस होटल को लेकर भी कवायद शुरू कर दी गई है।
खास डेस्टीनेशन होने की वजह से बढ़ी मांग
बौद्ध सर्किट के लिए गोरखपुर शहर भी खास मायने रखता है। भारत में बौद्ध सर्किट से जुड़े स्थानों में बिहार में वैशाली और राजगीर तथा उत्तर प्रदेश में सारनाथ (वाराणसी), श्रावस्ती और कुशीनगर शामिल हैं। ऐसे में यहां काफी संख्या में विदेशों से भी बौद्ध धर्मावलंबी आते हैं। कुशीनगर जाने वाले पर्यटकों के लिए भी गोरखपुर खास डेस्टिनेशन है। वहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट खुलने से आने वाले दिनों में पर्यटकों की आवक और बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल नहीं होने की वजह से गोरखपुर की छवि बहुत बेहतर नहीं है। मगर इन पांच सितारा होटलों के वजूद में आने के बाद पर्यटकों को सहूलियत मिलने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि रामगढ़ताल क्षेत्र में विभिन्न ग्रुपों के तीन फाइव स्टार खोलने की तैयारी है। एक का काम आखिरी चरण में है। विकास के इस कार्य में प्राधिकरण हर संभव मदद कर रहा है। होटल खुलने से क्षेत्र का विकास तो होगा ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।