इधर, हाल में 5 सितंबर को राष्ट्रपति की ओर से दिए गए जी-20 के डिनर निमंत्रण पर ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ की जगह ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा निमंत्रण पत्र भेजा गया था। इसके कुछ दिनों के बाद इंदौर में नगर निगम में भी इंडिया की जगह भारत कर दिया गया। अब गोरखपुर नगर निगम में भी तैयारी है कि पत्राचार के लिए इंडिया की जगह भारत का प्रयोग किया जाए।
मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-1 में लिखा है- ‘इंडिया, दैट इज भारत, जो राज्यों का संघ होगा। ऐसे में भारत और इंडिया दोनों संविधानिक शब्द है। भारत शब्द स्वीकृत होने के बाद नगर निगम की कार्रवाई और पत्राचार में इंडिया नाम के स्थान पर भारत का उपयोग किया जाएगा।
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नगर निगम बोर्ड और कार्यकारिणी की बैठक टली
नगर निगम के कार्यकारिणी और बोर्ड की बैठक के लिए तारीखें तय कर दी गई थी। पांच दिसंबर को कार्यकारिणी की बैठक और 11 दिसंबर को बोर्ड की बैठक होनी थी। इसी में इंडिया और भारत के प्रस्ताव को रखे जाने की योजना थी, लेकिन पांच दिसंबर से लोकसभा का सत्र शुरू होगा। ऐसे में 19 दिसंबर तक बैठक नहीं हो सकेगी।
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मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि इंडिया के भारत शब्द किए जाने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। संविधान के ही दोनों शब्द हैं। पत्राचार के लिए आने वाले दिनों भारत शब्द का प्रयोग किया जाएगा। इसे बैठक में रखकर सभी की सहमति से पास करवाया जाएगा।
पूर्व उपसभापति व सपा पार्षद जियाउल इस्लाम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्यों में हुए चुनावों में इंडिया गठबंधन से हार रही है। भारतीय संविधान में इंडिया ही भारत है। और भारत ही इंडिया है।