श्रवण कुमार अपने पड़ोसी दोस्त के साथ 20 जून की शाम दुबौलिया थानाक्षेत्र के उभाई गांव में रिश्तेदारी में जाने के लिये निकला था। उसके दोस्त के मुताबिक वह देर रात किसी लड़की से बात कर रहा था। तभी गांव के लोगों ने उसकी पिटाई करके गांव के उत्तर तरफ मनोरमा नदी की तरफ खदेड़ा था। दोस्त ने भागकर अपनी जान बचाई थी। जब श्रवण कुमार घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने खोजबीन की।
खोजबीन के दौरान उभाई गांव के तटबंध पर श्रवण का जूता मिला, तभी से परिजनों ने उसके साथ अनहोनी की आशंका जताई। 23 जून को उसके पिता राजकुमार ने मामले की लिखित सूचना कप्तानगंज और दुबौलिया थाने पर दी थी, लेकिन दोनो थानों की पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इधर 17 जुलाई को दोपहर में कप्तानगंज थानाक्षेत्र के टिकरिया गांव के मनोरमा नदी में श्रवण का शव मिला।
पुलिस सूत्रों की मानें तो युवती ने पुलिस को घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य बताएं हैं। चर्चा यह भी की श्रवण को मारने के बाद वीडियो भी बनाया गया और उसे युवती को दिखाया गया। घटना में उभाई गांव के और लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही हैं। श्रवण कुमार के परिजनों के चाचा कमलेश का कहना हैं कि उसे बेरहमी से मारा गया यदि वह मनोरमा नदी में कूदा होता तो उसके पर्स में रखा फोटो और कागज सुरक्षित नहीं रहता।