नवरात्र, सावन, बच्चे के मूल में जन्म, परिवार में किसी की मृत्यु के बाद हिंदू धर्म में बाल या फिर दाढ़ी कटवाने पर रोक रहती है। ऐसी परिस्थिति में पुलिसकर्मी अपने विभाग के प्रमुख से इजाजत लेकर बाल और दाढ़ी रख सकता है।
नियमावली में व्यवस्था
उत्तर प्रदेश पुलिस नियमावली में 10 अक्तूबर 1985 को एक सर्कुलर जोड़ा गया, जिसके अनुसार मुस्लिम कर्मचारी पुलिस अधीक्षक से इजाजत लेकर दाढ़ी रख सकते हैं। वैसे यूपी पुलिस के 1987 के सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि पुलिस वालों के लिए धार्मिक पहचान रखने की मनाही है। पुलिस मैनुअल और नियमों के अनुसार सिखों को छोड़कर किसी को भी वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना दाढ़ी रखने की इजाजत नहीं है।
खास बातें..
- पुलिस अधिकारी स्तर से निर्धारित स्वच्छ वर्दी धारण की जाएगी।
- वर्दी पैटर्न के अतिरिक्त कोई अन्य जूता पहनने की इजाजत नहीं।
- दफ्तर में हमेशा तय वर्दी के अनुसार ही रहें।
- गलत वर्दी, टोपी, नेमप्लेट, कमीज के बटन खुले रखने, निर्धारित जूता-मोजा न पहनने की कुप्रथा को खत्म करें।
- सिख धर्म के पुलिसकर्मियों को छोड़ सबके लिए क्लीन शेव अनिवार्य।
- अगर किसी को अनुमति मिलती है, तो भी दाढ़ी छोटी और सही तरीके से कटी होनी चाहिए
- कोई किसी भी तरह की मूंछें रख सकता है, लेकिन उनका भी ट्रिम होना जरूरी।
- धार्मिक आधार पर अस्थाई अवधि के लिए दाढ़ी रखने या लंबे बाल रखने की अनुमति दी जा सकती है।
- जो अधिकारी गलत वर्दी धारण करे, उसे लगातार टोका जाना चाहिए।