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स्टाइलिश वेशभूषा में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर रोक, जानिए क्या है वजह

Tue, 27 Oct 2020 07:04 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस ड्यूटी के दौरान स्टाइलिश दिखाने की हिमाकत अब भारी पड़ेगी। न तो स्टाइलिश दाढ़ी-बाल की अनुमति होगी और न ही ड्रेस कोड के उल्लंघन की। पुलिस कर्मी चाहें तो ताव देने के लिए मूंछ इच्छानुसार रख सकते हैं, लेकिन रख-रखाव पर ध्यान देना होगा। यानी मूंछें ट्रिम्ड होनी चाहिए।

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डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बस्ती पुलिस अधीक्षक समेत सभी जिला, रेंज/जोन पुलिस अफसरों को दिशा निर्देश जारी किया है। इसमें साफ कहा गया है कि अनुशासन बनाए रखने के लिए इसका सख्ती से अनुपालन कराया जाए। इसके साथ ही वर्दी पहनते समय शर्ट के बटन से लेकर जूतों के रंग को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। स्पोर्ट्स शू, सैंडल या चप्पल पहनने पर भी सख्ती के निर्देश दिए गए हैं।

एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि दिशा-निर्देश का पालन कराया जा रहा है। सभी थानों और तैनाती के स्थान पर इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किया जा रहा है। बागपत के सब इंस्पेक्टर इंतेशार अली को बीते दिनों दाढ़ी रखने के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। तीन बार टोकने के बाद भी एसआई ने दाढ़ी नहीं कटवाई। बाद में दाढ़ी कटवा ली तो बहाल कर दिया गया। इस मसले पर काफी विवाद हुआ था, ऐसे में अब फिर निर्देश जारी किए गए हैं।
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परिस्थितियों के मुताबिक इजाजत

नवरात्र, सावन, बच्चे के मूल में जन्म, परिवार में किसी की मृत्यु के बाद हिंदू धर्म में बाल या फिर दाढ़ी कटवाने पर रोक रहती है। ऐसी परिस्थिति में पुलिसकर्मी अपने विभाग के प्रमुख से इजाजत लेकर बाल और दाढ़ी रख सकता है।

नियमावली में व्यवस्था
उत्तर प्रदेश पुलिस नियमावली में 10 अक्तूबर 1985 को एक सर्कुलर जोड़ा गया, जिसके अनुसार मुस्लिम कर्मचारी पुलिस अधीक्षक से इजाजत लेकर दाढ़ी रख सकते हैं। वैसे यूपी पुलिस के 1987 के सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि पुलिस वालों के लिए धार्मिक पहचान रखने की मनाही है। पुलिस मैनुअल और नियमों के अनुसार सिखों को छोड़कर किसी को भी वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना दाढ़ी रखने की इजाजत नहीं है।

खास बातें..
  • पुलिस अधिकारी स्तर से निर्धारित स्वच्छ वर्दी धारण की जाएगी।
  • वर्दी पैटर्न के अतिरिक्त कोई अन्य जूता पहनने की इजाजत नहीं।
  • दफ्तर में हमेशा तय वर्दी के अनुसार ही रहें।   
  • गलत वर्दी, टोपी, नेमप्लेट, कमीज के बटन खुले रखने, निर्धारित जूता-मोजा न पहनने की कुप्रथा को खत्म करें।
  • सिख धर्म के पुलिसकर्मियों को छोड़ सबके लिए क्लीन शेव अनिवार्य।
  • अगर किसी को अनुमति मिलती है, तो भी दाढ़ी छोटी और सही तरीके से कटी होनी चाहिए
  • कोई किसी भी तरह की मूंछें रख सकता है, लेकिन उनका भी ट्रिम होना जरूरी।
  • धार्मिक आधार पर अस्थाई अवधि के लिए दाढ़ी रखने या लंबे बाल रखने की अनुमति दी जा सकती है।  
  • जो अधिकारी गलत वर्दी धारण करे, उसे लगातार टोका जाना चाहिए।
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