उधर, कोतवाली इलाके में रहने वाले व्यापारी ने भी साइबर थाने में 43 हजार रुपये निकाले जाने की शिकायत की। इसकी भी जांच की गई तो पता चला कि बेटे ने 17 बार में 43000 हजार का ट्रांजेक्शन किया है। बेटे की गलती सामने आने पर उन्होंने भी बेटे की हरकत पर माफी देने की गुहार एसएसपी से लगाई, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी छोड़ दिया।
दोनों मामलों में एक बात सामान्य है कि बैंक से ऑनलाइन ट्रांसजेक्शन की प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किया गया था। ट्रांजेक्शन के वक्त वे पिता का मोबाइल अपने पास रखते थे। ओटीपी और नकद निकासी का जो भी संदेश आया, दोनों ने मैसेज इनबॉक्स से डिलीट कर दिया।
ऑनलाइन गेमिंग एप, पहले जीतो-फिर गंवाओ
दरअसल, इस तरह के ज्यादातर गेमिंग एप और साइट एक तरह से ऑनलाइन सट्टा खिलाते हैं। इसमें टीम, खिलाड़ी आदि पर रकम दांव पर लगानी होती है। मसलन, आपने अमुक टीम की जीत पर पैसा लगाया और वह जीत गई तो आपको फायदे समेत रुपये मिल जाते हैं। वरना लगाए गए रुपये डूब जाते हैं।
इस तरह के ऑनलाइन गेमिंग एप पहले छोटी-छोटी रकम जीतने का मौका देते हैं। इससे जल्द ही ज्यादा से ज्यादा कमाने की लत लग जाती है। जीत-हार का रोमांच अलग से। लत लगने के बाद आप लगाते जाते हैं और हारते जाते हैं। इन दोनों मामलों में कुछ ऐसा ही हुआ।
इसी तरह ऑनलाइन सट्टेबाजी के खेल में एक बड़े गन हाउस मालिक का बेटा तीन साल पहले जेल चल गया था। उस समय गन हाउस मालिक के घर पर कुछ युवक चढ़ गए थे, जिसकी सूचना पर गई पुलिस ने जांच की तो पता चला कि गन हाउस मालिक के खाते से सात लाख रुपये निकाले जा चुके हैं और उन्हें पता ही नहीं था।
ढाई लाख रुपये बकाया होने की वजह से युवक घर पर पहुंचे थे। हालांकि इस मामले में पुलिस ने सख्ती से कार्रवाई की थी और पिता के गिड़गिड़ाने पर भी नहीं मानी थी। पुलिस ने इस मामले में गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को जेल भेजा था। तब पुलिस का तर्क था कि अपराध में किसी को छोड़ा नहीं जा सकता है।
ध्यान दें, कहीं आपका लाडला भी तो नहीं बिगड़ रहा
आप भी अपने बच्चों पर ध्यान दें कि कहीं वह भी तो किसी ऑनलाइन गेम के चक्कर में तो नहीं पड़ रहा है। वरना, उसकी ऐसी ही कोई हरकत आपको आर्थिक चोट पहुंचाएगी। कानूनन आपका बच्चा साइबर अपराधी भी बन जाएगा।
इन बातों का दें ध्यान
- ऑनलाइन पढ़ाई को मोबाइल दिया है तो उसकी निगरानी करें
- अपने मोबाइल पर ध्यान दें कि बच्चे के पास मोबाइल होने पर वह आपके मोबाइल का इस्तेमाल क्यों कर रहा।
- अपने एटीएम और खातों और उनके पासवर्ड आदि की जानकारी को गोपनीय रखें।
- वह रुपये मांगे तो इसके बारे में जरूर पूछें कि उसे क्या जरूरत है, क्योंकि ऑनलाइन गेम की शुरुआत छोटी रकम से होती है।
- उसे समय-समय पर ऑनलाइन फ्राड और उसके दुष्परिणामों की जानकारी दें।