दरअसल, 13 सितंबर को पिंटू पासवान ने ही पुलिस को बताया था कि वह पत्नी के साथ सब्जी खरीदकर लौट रहा था, उसे गोली मारी गई है। गोली लगने की घटन जांच में ही फर्जी पाई गई थी, लेकिन पुलिस साक्ष्य जुटा रही थी। इसी बीच रंगदारी का केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
बृहस्पतिवार को पूछताछ के बाद आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी सूचना पुलिस को दी थी। गांव के कुछ लोगों से उसका रुपये के लेनदेन का विवाद है, उन्हें फंसाने के लिए उसने साजिश रची। उसकी साजिश और रंगदारी के केस में उसकी पत्नी भी आरोपी है। अब पुलिस दोनों पर कार्रवाई की तैयारी में है। हालांकि, पत्नी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।
एसओ मदन मोहन मिश्रा ने बताया कि पिंटू से पूछताछ में गोली की घटना पूरी तरह से फर्जी निकली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।