जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा इलाके के रघुनाथपुर, मिरचाईन टोला में 27 अगस्त की सुबह हत्या कर फेंकी गई महिला का शव मिला था। पुलिस ने जांच शुरू की तो उसकी पहचान देवरिया की रहने वाली 35 वर्षीय पूनम के रूप में हुई। पूनम की शादी करीब 17 साल पहले हुई थी। पति विदेश में रहकर कमाते हैं।
पूनम की बेटी 14 साल की है तो बेटा 11 साल का। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की उम्र महज 19 साल है। इंटर का छात्र है और मां-बाप का इकलौता बेटा। महिला और आरोपी में बातचीत का सिलसिला मिस्ड कॉल से शुरू हुआ था। बाद में दोनों में प्रेम हो गया। इस चक्कर में पूनम ने अपनी जिंदगी गंवा दी तो आरोपी ने कॅरिअर। दोनों परिवार भी बिखर गए।
महिला थाने में रोजाना आती है तीन से चार शिकायतें
महिला थाने में इस तरह के तीन-चार मामले रोजाना आते हैं। किसी मामले में पति अपनी पत्नी पर आरोप लगाता है तो किसी में पत्नी अपने पति पर। महिला थाने की एसओ अर्चना सिंह बताती है कि कई ऐसे मामले आते हैं, जिसमें पता चलता है कि मामले की वजह मोबाइल फोन पर दूसरों से बातचीत पर आपत्ति है। ऐसे लोगों की काउंसिलिंग कर उनके परिवार को बचाने की कोशिश की जाती है, जहां जरूरत होती है, केस दर्ज कर कार्रवाई भी की जाती है।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के समाजशास्त्री प्रो. मानवेंद्र सिंह ने बताया कि आमतौर पर ऐसा तब ही होता है, जब पति-पत्नी एक दूसरे को वक्त नहीं दे पाते। दोनों एक दूसरे से अच्छा व्यवहार नहीं करते, ऐसे में बीच में अगर कोई तीसरा मिल गया तो जुड़ाव हो जाता है। इन परिस्थितियों में लोकलाज सहित सभी बंदिशें टूट जाती हैं। बात आगे बढ़ने पर इसके खतरनाक परिणाम सामने आते हैं।
साइकोलॉजिस्ट डॉ. गोपाल अग्रवाल ने बताया कि मनोभावों पर नियंत्रण नहीं होना इस तरह के मामलों में प्रमुख वजह है। ऐसे में लोगों को सही-गलत का ध्यान भी नहीं रहता। ऐसी मनोस्थिति बन जाती है कि लोग कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं।