बस्ती जिले में जवान बेटे के शव को पिता ने जब रोते हुए मुखाग्नि दी तो आसपास मौजूद लोग खुद को रोक नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। रविवार रात को सरयू नदी के तट पर जब बहडिला थाना कलवारी निवासी बसंत चौधरी 25 वर्षीय बेटे विकास चौधरी तथा सोमवार शाम को रुदल सिंह ने 26 वर्षीय बेटे समरेंद्र उर्फ पाले को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद गांव व क्षेत्र के तमाम लोग रो पड़े।
दोनों युवक रविवार को लुंबिनी-दुद्धी मार्ग पर झिनकूलाल त्रिवेनी राम चौधरी इंटर कॉलेज कलवारी के सामने चार पहिया वाहन की चपेट में आने से घायल हो गए थे। विकास व पाले की मौत इलाज के दौरान हो गई थी।
विकास के पिता बसंत ने बताया कि एक पिता के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या कि उसे जवान बेटे की चिता को आग लगानी पड़े। रविवार रात में पोस्टमार्टम के बाद बेटे का शव मिलने पर सरयू नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया।
उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटों में विकास दूसरे का नंबर का था। उधर समरेंद्र सिंह उर्फ पाले के पिता रुदल सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल से रेफर करने के बाद वह लोग बेटे को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जा रहे थे। खलीलाबाद के पास उसकी मौत हो गई। वहां से शव लेकर घर आ गए।
सोमवार सुबह पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सोमवार शाम को सरयू नदी के माझा खुर्द घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। समरेंद्र की शादी एक वर्ष पूर्व शिल्पा के साथ हुई थी, उसके दस दिन की एक बेटी है। पाले तीन बेटों में मझला था।